Crime: छत्तीसगढ़ में 2 साल में 2960 मर्डर, रायपुर टॉप पर

छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं। गृह विभाग द्वारा जारी किए गए हालिया आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। पिछले दो वर्षों (1 जुलाई 2024 से 30 जून 2026 तक) के दौरान राज्य में कुल 2960 हत्या के मामले दर्ज किए गए हैं। इन आंकड़ों का विश्लेषण करें तो राज्य में हर…

छत्तीसगढ़ में अपराध का ग्राफ बढ़ा: 2 साल में 2960 हत्याएं, राजधानी रायपुर सबसे असुरक्षित

छत्तीसगढ़ में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठने लगे हैं। गृह विभाग द्वारा जारी किए गए हालिया आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। पिछले दो वर्षों (1 जुलाई 2024 से 30 जून 2026 तक) के दौरान राज्य में कुल 2960 हत्या के मामले दर्ज किए गए हैं। इन आंकड़ों का विश्लेषण करें तो राज्य में हर महीने औसतन 123 और हर दिन करीब 4 लोगों की हत्या हो रही है, जो सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती है।

राजधानी रायपुर में सबसे ज्यादा वारदातें

हैरानी की बात यह है कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की तुलना में राज्य की राजधानी रायपुर में आपराधिक घटनाएं सबसे अधिक दर्ज की गई हैं। पिछले दो वर्षों में रायपुर में 169 हत्याएं हुई हैं। वहीं, दूसरी ओर नक्सल प्रभावित जिलों में हत्या के आंकड़े राजधानी की तुलना में काफी कम रहे हैं।

प्रमुख जिलों में हत्या के आंकड़े (दो वर्षों का विवरण)

जिलादर्ज हत्या के मामले
रायपुर169
जशपुर114
रायगढ़114
दुर्ग113
सरगुजा113
बिलासपुर109

नक्सल प्रभावित जिलों की स्थिति

अक्सर शांति और सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील माने जाने वाले नक्सल प्रभावित जिलों में भी हत्याएं दर्ज की गई हैं, लेकिन राजधानी रायपुर की तुलना में ये संख्या कम है। आंकड़ों के अनुसार:

  • बीजापुर: 82 हत्याएं
  • सुकमा: 49 हत्याएं
  • दंतेवाड़ा: 33 हत्याएं
  • कोंडागांव: 26 हत्याएं
  • नारायणपुर: 24 हत्याएं

वर्ष 2025-26: एक साल का विश्लेषण

यदि हम केवल अंतिम एक वर्ष (1 जुलाई 2025 से 30 जून 2026) के आंकड़ों पर गौर करें, तो रायपुर इस दौरान भी शीर्ष पर बना हुआ है। इस अवधि में रायपुर में 84 हत्याएं दर्ज की गईं। इसके बाद दुर्ग (60), रायगढ़ (53), सरगुजा (52), बिलासपुर (50) और जशपुर (49) का स्थान रहा।

बढ़ते अपराध पर चिंता

आंकड़ों से स्पष्ट है कि राज्य के बड़े शहरों में अपराध का ग्राफ लगातार ऊपर जा रहा है। रायपुर में हत्या के मामलों का सबसे अधिक होना प्रशासन के लिए चिंता का विषय है। इसके अलावा, दुर्ग, बलौदाबाजार और कोरिया जैसे जिलों में भी मामलों में हुई बढ़ोतरी ने स्थानीय पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है। राज्य में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अब सख्त कदम उठाए जाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है।