AAP: सोनम वांगचुक के समर्थन में 20 जुलाई को यूपी में करेगी बड़ा प्रदर्शन

लखनऊ: लद्दाख के हक और युवाओं के भविष्य को लेकर पिछले 17 दिनों से आमरण अनशन कर रहे प्रसिद्ध शिक्षाविद सोनम वांगचुक को अब आम आदमी पार्टी (AAP) का बड़ा समर्थन मिल गया है। पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी सोनम वांगचुक के समर्थन…

सोनम वांगचुक के समर्थन में सड़क पर उतरेगी ‘आप’, यूपी में 20 जुलाई को होगा बड़ा प्रदर्शन

लखनऊ: लद्दाख के हक और युवाओं के भविष्य को लेकर पिछले 17 दिनों से आमरण अनशन कर रहे प्रसिद्ध शिक्षाविद सोनम वांगचुक को अब आम आदमी पार्टी (AAP) का बड़ा समर्थन मिल गया है। पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी सोनम वांगचुक के समर्थन में उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर आंदोलन शुरू करेगी। इस सिलसिले में 20 जुलाई को राज्य के सभी जिलों में आम आदमी पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

सरकार पर अनदेखी का आरोप

मंगलवार को मीडिया को संबोधित करते हुए संजय सिंह ने कहा कि सोनम वांगचुक का अनशन केवल लद्दाख का मुद्दा नहीं है, बल्कि यह देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य से जुड़ा हुआ है। उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार जानबूझकर वांगचुक की मांगों को नजरअंदाज कर रही है और उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। सांसद ने स्पष्ट किया कि केवल अनशन से सरकार का रवैया नहीं बदलेगा, बल्कि जब देश का युवा एकजुट होकर सड़कों पर उतरेगा, तभी सत्ता को जनता की बात माननी पड़ेगी।

आंदोलन के मुख्य बिंदु

मुद्दाविवरण
आंदोलन की तिथि20 जुलाई
प्रदर्शन का स्थानउत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालय
मुख्य मांगसोनम वांगचुक का समर्थन और युवाओं के अधिकार

युवाओं की लड़ाई को मिलेगा नया धार

संजय सिंह ने आगे कहा कि आज देश का युवा पेपर लीक, नीट (NEET) परीक्षा में धांधली और अग्निवीर जैसी विवादित योजनाओं से हताश और परेशान है। उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक इन सभी मुद्दों के खिलाफ एक ढाल बनकर खड़े हैं और युवाओं की आवाज बुलंद कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी ने अपने सभी प्रदेश पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया है कि वे 20 जुलाई को जिला मुख्यालयों पर बड़ी संख्या में जुटें और इस आंदोलन को सफल बनाएं।

पार्टी का मानना है कि यह प्रदर्शन सिर्फ सोनम वांगचुक के समर्थन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह देश के लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई का एक अहम हिस्सा होगा।