अयोध्या: राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपी की बढ़ी मुश्किलें, अब अवैध निर्माण पर चला प्रशासन का डंडा
अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मामले में आरोपी लवकुश मिश्रा की मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। अब अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने आरोपी के निर्माणाधीन मकान पर शिकंजा कसते हुए उसे अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है।
प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार, इससे पहले 3 जुलाई को भी आरोपी को नोटिस भेजा गया था। उस दौरान आरोपी की पत्नी सुप्रिया मिश्रा को निर्माण से संबंधित दस्तावेज और स्वीकृत मानचित्र पेश करने के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, निर्धारित तिथि पर न तो सुप्रिया मिश्रा प्राधिकरण कार्यालय पहुंचीं और न ही कोई जवाब दिया गया।
15 जुलाई तक का मिला समय, वरना होगी सीलिंग
अयोध्या विकास प्राधिकरण ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की पत्नी सुप्रिया मिश्रा को एक आखिरी मौका दिया है। जारी नोटिस के अनुसार, उन्हें 15 जुलाई 2026 को सुबह 11 बजे प्राधिकरण के समक्ष उपस्थित होना अनिवार्य है। इस दौरान उन्हें अपने निर्माण कार्य से जुड़े सभी वैध दस्तावेज और स्वीकृत नक्शा प्रस्तुत करना होगा।
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| आरोपी का नाम | लवकुश मिश्रा |
| संबंधित विभाग | अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) |
| नोटिस की अंतिम तिथि | 15 जुलाई 2026 |
| कार्रवाई की चेतावनी | दस्तावेज न मिलने पर भवन होगा सील |
जवाब न देने पर होगी सख्त कार्रवाई
प्राधिकरण ने अपने रुख को स्पष्ट करते हुए कहा है कि यदि 15 जुलाई तक निर्धारित औपचारिकताएं पूरी नहीं की गईं, तो बिना किसी और सूचना के आरोपी के निर्माणाधीन मकान को सील कर दिया जाएगा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि इस पूरी कार्रवाई और उसके परिणाम की जिम्मेदारी संबंधित पक्ष की ही होगी।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी जैसे संवेदनशील मामले के बीच, आरोपी के निजी संपत्ति के अवैध निर्माण पर प्रशासनिक कार्रवाई ने इस पूरे प्रकरण को एक नया मोड़ दे दिया है। वर्तमान में पुलिस की जांच और विकास प्राधिकरण की कानूनी कार्रवाई दोनों समानांतर चल रही हैं, जिससे आरोपी पर दबाव काफी बढ़ गया है।
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