ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा हमला, सपा शासनकाल को बताया ‘आतंकराज’
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के प्रमुख ओपी राजभर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव पर जोरदार हमला बोला है। राजभर ने सपा के पिछले कार्यकाल को ‘आतंकराज’ और ‘जंगलराज’ की संज्ञा देते हुए कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि वे प्रदेश के हर जिले में सपा शासन के दौरान हुई घटनाओं की याद दिलाकर अखिलेश यादव को आईना दिखाएंगे।
सीतापुर की घटनाओं का किया जिक्र
राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली सपा सरकार में दलितों और पिछड़ों के खिलाफ अत्याचार चरम पर था। उन्होंने सीतापुर की घटनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि सत्ता में आते ही सपा कार्यकर्ताओं के हौसले इतने बुलंद हो गए थे कि वे विरोध करने वालों को निशाना बनाने लगे थे।
- 8 मार्च 2012: सीतापुर के रेवसा स्थित बिंबिया गांव में दलितों के 13 घरों को सपा समर्थकों द्वारा आग के हवाले कर दिया गया। आरोप है कि यह हमला इसलिए किया गया क्योंकि दलितों ने सपा को वोट नहीं दिया था।
- 21 दिसंबर 2015: लहरपुर थाना क्षेत्र के पट्टी देहलिया गांव में दलित बस्ती के 35 घरों में आग लगा दी गई। इस वीभत्स घटना में दो मासूम बच्चों की जिंदा जलकर मौत हो गई थी।
‘मुगलिया बर्बरता’ का लगाया आरोप
ओपी राजभर ने इन घटनाओं को ‘मुगलिया बर्बरता’ करार दिया। उन्होंने दावा किया कि उस समय सपा से जुड़े प्रधानों और गुंडों की शह पर दलित बस्तियों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा, “जब हम उन दृश्यों को याद करते हैं, तो खून खौल उठता है। दलित भाईयों की आत्मा आज भी उन अत्याचारों को याद कर कांप उठती है।”
| आरोप का मुख्य बिंदु | राजभर का दावा |
|---|---|
| सपा शासन काल | आतंकराज और जंगलराज |
| पीड़ित वर्ग | दलित और अति-पिछड़े |
| हिंसा का कारण | सपा को वोट न देना |
जनता से हिसाब लेने का किया वादा
मंत्री राजभर ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अखिलेश यादव को अब हर जिले का हिसाब देना होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार में जब सपाई गुंडे जुल्म ढाते थे, तो पूरा प्रशासनिक सिस्टम मूकदर्शक बना रहता था। राजभर ने स्पष्ट किया कि वे अखिलेश यादव की पिछली सरकार के दौरान हुए ‘अन्याय’ को जनता के बीच ले जाकर रहेंगे और उनसे इसका जवाब मांगेंगे।









