Jagannath Rath Yatra: छतरपुर में 16 जुलाई को निकलेगी भव्य रथयात्रा

मध्य प्रदेश के छतरपुर में स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर (तमराही मोहल्ला) में एक बार फिर भक्ति की लहर दौड़ने वाली है। 351 वर्षों से चली आ रही परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, इस वर्ष 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ स्वामी की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। इस आयोजन को लेकर श्री जगन्नाथ स्वामी जू…

छतरपुर में 351 साल पुरानी परंपरा: भव्य रथयात्रा के साथ शुरू होगा नौ दिवसीय धार्मिक महोत्सव

मध्य प्रदेश के छतरपुर में स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ स्वामी मंदिर (तमराही मोहल्ला) में एक बार फिर भक्ति की लहर दौड़ने वाली है। 351 वर्षों से चली आ रही परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, इस वर्ष 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ स्वामी की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी। इस आयोजन को लेकर श्री जगन्नाथ स्वामी जू मंदिर नवनिर्माण समिति और रथयात्रा समिति ने विस्तृत कार्ययोजना की घोषणा कर दी है।

रथयात्रा का कार्यक्रम और रूट

समिति के सचिव संतोष ताम्रकार ने पत्रकार वार्ता में बताया कि 16 जुलाई को शाम 5 बजे वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ पूजा संपन्न होगी, जिसके बाद रथयात्रा मुख्य मंदिर से अपने निर्धारित मार्ग के लिए प्रस्थान करेगी। यह रथयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी और अंत में पुरानी तहसील पहुंचेगी, जहां भगवान तीन दिनों तक विश्राम करेंगे।

नौ दिवसीय आयोजन की रूपरेखा

यह धार्मिक महोत्सव नौ दिनों तक चलेगा, जिसमें विभिन्न सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। महोत्सव का मुख्य विवरण नीचे दिया गया है:

दिनांककार्यक्रम का विवरण
16 जुलाईभव्य रथयात्रा का शुभारंभ
17 से 19 जुलाईपुरानी तहसील में विश्राम, सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या
20 जुलाईजानकी जी की पालकी का आगमन, केंड्या जी मंदिर प्रस्थान
22 जुलाईमुख्य मंदिर के लिए रथयात्रा की वापसी
23-24 जुलाईअखंड रामचरितमानस पाठ, हवन और विशाल भंडारा

धार्मिक अनुष्ठान और समापन

भगवान जगन्नाथ की इस यात्रा के दौरान भक्तों के लिए विशेष धार्मिक आयोजनों की व्यवस्था की गई है। 20 जुलाई को जानकी जी की पालकी भगवान को लेने के लिए निकलेगी, जो इस यात्रा का एक प्रमुख आकर्षण होगा। इसके बाद भगवान गोवर्धन टाकीज स्थित केंड्या जी मंदिर पहुंचेंगे। महोत्सव का समापन 24 जुलाई को हवन-पूजन, शांति पाठ और विशाल भंडारे के साथ होगा, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे।

  • मुख्य आकर्षण: 351 वर्ष पुरानी परंपरा का निर्वहन।
  • विशेष आयोजन: सुंदरकांड, भजन संध्या और अखंड रामचरितमानस पाठ।
  • आमंत्रण: समिति ने शहर के सभी धर्मप्रेमियों से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।