इंदौर: नाना पटवारी मामले में पुलिस की जांच तेज, सट्टेबाजी और ड्रग्स कनेक्शन की हो रही पड़ताल
इंदौर के बहुचर्चित नाना पटवारी मामले में पुलिस ने अपनी जांच का दायरा बढ़ा दिया है। डीसीपी नरेंद्र रावत के दिशा-निर्देशों पर राजेंद्र नगर थाना पुलिस की एक विशेष टीम मामले के हर संवेदनशील पहलू को खंगाल रही है। हाल ही में दो युवतियों से की गई गहन पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं, जो जांच की दिशा बदल सकते हैं।
मोबाइल से खुला सट्टेबाजी का जाल
पुलिस जांच में नाना पटवारी के मोबाइल फोन से अहम सुराग मिले हैं। डीसीपी नरेंद्र रावत ने बताया कि फोन में दो ऐसे ऑनलाइन एप्लिकेशन पाए गए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर सट्टा खेलने और लिंक भेजने के लिए किया जाता था। इसके अलावा, मोबाइल में दर्ज संदिग्ध वित्तीय लेनदेन ने पुलिस का शक और गहरा कर दिया है। पुलिस को तीन बेहद महत्वपूर्ण नंबर भी मिले हैं, जिनकी तकनीकी जांच की जा रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।
युवतियों के बयानों में ड्रग्स पार्टी का जिक्र
राजेंद्र नगर पुलिस ने महिला अधिकारियों की मौजूदगी में दो युवतियों के बयान दर्ज किए हैं। पूछताछ के दौरान एक युवती ने बताया कि नाना पटवारी से उसकी मुलाकात एक प्लॉट के सौदे के सिलसिले में हुई थी। युवती ने यह सनसनीखेज दावा भी किया कि एक पार्टी के दौरान वहां एमडी ड्रग्स का सेवन किया गया था, जिसमें नाना पटवारी भी शामिल था। वहीं, दूसरी युवती ने बताया कि वह नाना पटवारी को अपने पति के मित्र के तौर पर जानती है।
नाना पटवारी का विवादित आपराधिक इतिहास
नाना पटवारी का नाम लंबे समय से विवादों में रहा है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास सहित कुल 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। नीचे दी गई तालिका में उसके खिलाफ दर्ज मुख्य मामलों का विवरण है:
| मामला | विवरण |
|---|---|
| हत्या का प्रयास | सात साल पुराने मामले में पूर्व में फरार रह चुका है। |
| जमीन कब्जाने का प्रयास | वर्ष 2025 में तेजाजी नगर थाने में FIR दर्ज। |
| महिला से छेड़छाड़ (धारा 354-A) | वर्ष 2018 में घर में घुसकर धमकाने और अभद्रता का आरोप। |
खुशी सुसाइड केस से पुराना नाता
जुलाई 2018 में हाई प्रोफाइल पार्टियों में सक्रिय रहने वाली खुशी कूलवाल की आत्महत्या के मामले में भी नाना पटवारी का नाम सुर्खियों में आया था। हालांकि, उस समय कोई ठोस सबूत न मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हो सकी थी। अब पुलिस 2025 में नए सिरे से इस मामले की जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि हाई प्रोफाइल ड्रग्स नेटवर्क और इन मौतों के बीच क्या कोई सीधा संबंध है।
राजनीतिक घमासान और ड्रग्स पर सफाई
इस पूरे मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के भाई नाना पटवारी के हिरासत में लिए जाने के बाद पार्टी ने इसे राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है। नाना पटवारी ने खुद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर यह स्वीकार किया है कि वह तीन साल पहले तक नशा करते थे, लेकिन रिहैब सेंटर के बाद उन्होंने अब ड्रग्स छोड़ दिया है। पुलिस अब इन दावों की सत्यता जांचने के लिए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है।










