लखनऊ KGMU में मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध से सियासी पारा गर्म
लखनऊ की प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के हॉस्टलों में मांसाहारी भोजन पर रोक लगाने का फैसला अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस सख्त निर्देश पर विपक्ष ने इसे छात्रों की व्यक्तिगत पसंद और अधिकारों का हनन करार दिया है। वहीं, दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी और कुछ धर्मगुरुओं ने इसे संस्थान का पूरी तरह से आंतरिक प्रशासनिक निर्णय बताते हुए इसका समर्थन किया है।
दूसरी तरफ, अयोध्या में विकास के दावों की पोल खुलती नजर आ रही है। भारी बारिश के बाद रामनगरी की सड़कें तालाब में तब्दील हो गई हैं, जिससे करोड़ों के विकास कार्यों के दावों पर सवाल उठ रहे हैं। जनता अब यह पूछ रही है कि प्रभु राम के नाम पर हुए इस कथित भ्रष्टाचार का जिम्मेदार कौन है?
सपा का तीखा हमला
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने इस निर्णय को तुगलकी फरमान करार दिया है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेता अन्य राज्यों में मांसाहार का सेवन करते हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश में उनकी विचारधारा बदल जाती है। सपा ने सवाल किया है कि क्या यह प्रतिबंध सिर्फ यूपी तक सीमित है या इसे अन्य राज्यों में भी लागू करने की हिम्मत दिखाई जाएगी?
विभिन्न पक्षों की राय
इस मामले पर अलग-अलग वर्गों से मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं:
| पक्ष | दृष्टिकोण |
|---|---|
| भाजपा (डॉ. दिनेश शर्मा) | इसे संस्थान का प्रशासनिक फैसला मानते हुए विवाद न करने की सलाह दी। |
| शिया धर्मगुरु (मौलाना यासूब अब्बास) | इसे राजनीतिक मुद्दा न बनाने की अपील की और कहा कि बाहर खाना खाने का विकल्प खुला है। |
इस बीच, यूपी सरकार की उपलब्धियों पर बात करते हुए मनोज पांडेय ने कहा कि प्रदेश सरकार 16 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दे रही है और जल्द ही 47 लाख नए लाभार्थियों को इस योजना से जोड़ा जाएगा।
क्या है नया आदेश?
KGMU के चीफ प्रोवोस्ट प्रो. कमल कुमार सावलानी द्वारा जारी आधिकारिक निर्देश के अनुसार, अब विश्वविद्यालय के हॉस्टलों की मेस और कैंटीन में मांसाहारी भोजन पर पूर्ण प्रतिबंध होगा। प्रशासन का कहना है कि छात्रों को संतुलित पोषण देने के लिए दाल, पनीर, राजमा और सोया जैसे उच्च प्रोटीन युक्त शाकाहारी भोजन पर जोर दिया जाएगा।
- बदलाव: अब तक 18 हॉस्टलों में सप्ताह में 3 दिन नॉन-वेज मिलता था।
- असर: नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।
- भोजन का विकल्प: अब मेस में केवल शाकाहारी व्यंजन ही उपलब्ध होंगे।
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