Cyber ठगी: पुलिस की बड़ी कार्रवाई, किसान के 25,500 रुपये वापस लौटाए

राजस्थान के बारां जिले के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों का शिकार हुए एक पीड़ित किसान के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 15 दिनों के भीतर किसान के ठगे गए 25,500 रुपये वापस उनके बैंक खाते में सुरक्षित लौटवा दिए हैं। यह कार्रवाई पुलिस की तकनीकी…

बारां पुलिस की बड़ी कामयाबी: साइबर ठगी का शिकार हुए किसान को वापस मिले 25,500 रुपये

राजस्थान के बारां जिले के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों का शिकार हुए एक पीड़ित किसान के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 15 दिनों के भीतर किसान के ठगे गए 25,500 रुपये वापस उनके बैंक खाते में सुरक्षित लौटवा दिए हैं। यह कार्रवाई पुलिस की तकनीकी दक्षता और समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण है।

सोशल मीडिया विज्ञापन बना ठगी का जरिया

पुलिस के अनुसार, सिमलोद गांव के निवासी नेमीचंद लोधी 1 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया पर चल रहे एक लुभावने विज्ञापन के झांसे में आ गए थे। शातिर ठगों ने बड़ी चतुराई से उनसे 25,500 रुपये की धोखाधड़ी कर ली। ठगी का एहसास होते ही पीड़ित ने बिना समय गंवाए राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराई, जो पुलिस की सफलता का आधार बनी।

तकनीकी जांच और समन्वय से मिली सफलता

शिकायत दर्ज होते ही नाहरगढ़ पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी जांच शुरू कर दी। भारतीय साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) के साथ मिलकर पुलिस ने संबंधित वित्तीय संस्थान ‘प्रामेरिका लाइफ इंश्योरेंस लिमिटेड’ से लगातार पत्राचार किया। इस त्वरित कार्रवाई का परिणाम यह रहा कि शनिवार को ठगी गई पूरी राशि वापस पीड़ित के खाते में क्रेडिट कर दी गई।

कार्रवाई में शामिल प्रमुख टीमें

अधिकारी/टीमभूमिका
पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासुअभियान का नेतृत्व (साइबर रोकथाम)
एएसपी सौरभ तिवाड़ी व डीएसपी आशीष भार्गवसुपरविजन और दिशा-निर्देश
थानाधिकारी विवेक हरसाना व कांस्टेबल सुरेंद्र कुमारत्वरित कार्रवाई व विशेष योगदान

साइबर ठगी से बचने के लिए पुलिस की सलाह

पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी होने पर घबराएं नहीं। साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत ये कदम उठाएं:

  • 1930 हेल्पलाइन नंबर पर तुरंत कॉल करें।
  • राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
  • ठगी के शुरुआती घंटों में शिकायत करने पर राशि वापस मिलने की संभावना सर्वाधिक होती है।

पुलिस मुख्यालय जयपुर के निर्देशानुसार चलाए जा रहे इस विशेष अभियान ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि समय रहते की गई शिकायत साइबर अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेर सकती है।