सचिन पायलट का बड़ा हमला: राजस्थान सरकार पर लगाया ‘अफसरशाही’ का आरोप, कहा- जनप्रतिनिधि बेबस
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने उदयपुर के देबारी स्थित जिंक स्मेल्टर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखे प्रहार किए हैं। पायलट ने दावा किया कि राजस्थान में वर्तमान में चुनी हुई सरकार नहीं, बल्कि अफसरशाही हावी है। उन्होंने कहा कि स्थिति इतनी भयावह है कि सत्ताधारी दल के मंत्री, सांसद और विधायक तक अपनी उपेक्षा से परेशान होकर ‘पैर पीट रहे हैं’, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
युवाओं के भविष्य और गिरती कानून व्यवस्था पर चिंता
सचिन पायलट ने सरकार की विफलताओं को गिनाते हुए कहा कि प्रदेश में युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। उन्होंने पेपर लीक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि लाखों युवाओं की मेहनत पर पानी फिर चुका है और सरकार रोजगार देने में पूरी तरह नाकाम साबित हुई है। पायलट ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था, शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में पूरी तरह से अराजकता का माहौल है।
- स्वास्थ्य व्यवस्था: गर्भवती महिलाओं की मौतों ने सरकारी दावों की पोल खोल दी है।
- शिक्षा का हाल: स्कूलों की जर्जर छतें गिरने से मासूम बच्चों की जान जा रही है, लेकिन सरकार जवाबदेही तय करने में विफल है।
- कानून-व्यवस्था: सड़क हादसों, अपराध और दुष्कर्म की घटनाओं में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है।
चुनाव टालने पर सरकार को घेरा
पायलट ने पंचायत, निकाय और छात्रसंघ चुनावों को समय पर न कराने के लिए भी भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुसार हर पांच साल में चुनाव कराना अनिवार्य है, लेकिन सरकार जनता के गुस्से से डरकर जानबूझकर चुनाव टाल रही है। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया।
केंद्र सरकार के ‘अहंकार’ और भ्रष्टाचार पर सवाल
केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए पायलट ने कहा कि 12 साल के शासन के बाद भाजपा में सत्ता का अहंकार आ गया है। उन्होंने अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट में चंदे से जुड़े कथित गबन के मामले में भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’ के नारे का क्या हुआ? इस मामले में केवल लीपापोती की जा रही है। इसके अलावा, उन्होंने विपक्ष की आवाज दबाने और संसद में जवाबदेही तय न करने का भी आरोप लगाया।
प्रमुख बिंदुओं का सारणीबद्ध विवरण
| मुद्दा | सचिन पायलट का रुख |
|---|---|
| शासन व्यवस्था | जनप्रतिनिधियों के बजाय अधिकारियों के भरोसे चल रही सरकार। |
| युवा और रोजगार | पेपर लीक और बेरोजगारी से युवा वर्ग में भारी असंतोष। |
| चुनाव | लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं (चुनाव) को जानबूझकर टाला जा रहा है। |
| भ्रष्टाचार | केंद्र सरकार के दावों के विपरीत बड़े मामलों में लीपापोती हो रही है। |
जनता बदलाव के लिए तैयार: सचिन पायलट
अंत में, पायलट ने कहा कि आज प्रदेश का किसान दुखी है और युवा परेशान है। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता अब बदलाव चाहती है। पायलट ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं में गजब का उत्साह है और आगामी विधानसभा चुनावों में पार्टी भाजपा की जनविरोधी नीतियों को उजागर कर प्रचंड बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। इस दौरान उदयपुर के स्थानीय कांग्रेस नेताओं ने पायलट का जोरदार स्वागत किया।
