भीलवाड़ा में चोरी का बड़ा खुलासा: मां-बेटे समेत तीन गिरफ्तार, मुंबई भागने की फिराक में था आरोपी
भीलवाड़ा की भीमगंज थाना पुलिस ने चोरी और नकबजनी की वारदातों का पर्दाफाश करते हुए एक शातिर गिरोह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इस मामले में एक महिला, उसके बेटे और एक अन्य युवक को दबोचा है। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान भीमगंज और मांडलगढ़ थाना क्षेत्रों में चोरी की चार बड़ी वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। पुलिस अब उनसे चोरी किए गए जेवरात और नकदी की बरामदगी के प्रयास कर रही है।
ऐसे हुई वारदात और पुलिस की कार्रवाई
घटना का खुलासा करते हुए थानाधिकारी सुनील चौधरी ने बताया कि 29 जून को बालमुकुंद छीपा ने शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी के अनुसार, 26 जून को वह अपने परिवार के साथ उज्जैन यात्रा पर गए थे। इसी दौरान 27 जून की रात करीब 12:30 बजे अज्ञात चोरों ने उनके सूने घर को निशाना बनाया और नकदी व सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिए। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष टीम का गठन किया और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की।
सीसीटीवी और सीडीआर से मिली सफलता
पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके अलावा, संदिग्ध मोबाइल नंबरों की सीडीआर (CDR) निकाली गई और टावर लोकेशन (BTS) की बारीकी से जांच की गई। पुलिस ने उन संदिग्धों को चिन्हित किया जो बिना नंबर की बाइक पर मुंह ढककर घूम रहे थे। इस ऑपरेशन में अजमेर डीएसटी (DST) की मदद ली गई, जिसके बाद मुख्य आरोपी मोहम्मद साहिल उर्फ टूटीया को अजमेर से तब पकड़ा गया जब वह मुंबई भागने की तैयारी में था।
अपराध का तरीका और गिरोह की भूमिका
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद शातिर तरीके से वारदातों को अंजाम देता था। गिरफ्तार आरोपियों का विवरण नीचे दी गई तालिका में है:
| नाम | भूमिका |
|---|---|
| मोहम्मद साहिल | मुख्य आरोपी, रेकी करना और चोरी |
| मोहसिन उर्फ टिंचू | सहयोगी, चोरी की वारदातों में शामिल |
| सलमा बानो | साहिल की मां, चोरी का माल बेचने में मदद |
आरोपियों ने बताया कि वे दिन के समय शहर में रेकी करते थे और उन घरों को निशाना बनाते थे जिनके बाहर ताला लगा होता था। गौरतलब है कि आरोपी मोहसिन के खिलाफ भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और मांडलगढ़ में पहले से ही 10 मामले दर्ज हैं।
ऑपरेशन में शामिल पुलिस टीम
इस सराहनीय कार्य को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में निम्नलिखित अधिकारी और जवान शामिल रहे:
- सुनील चौधरी (थाना प्रभारी, भीमगंज)
- राजेंद्र चौधरी (थाना प्रभारी, आरपीएफ अजमेर)
- राजकुमार मीणा (एसआई), सत्यनारायण (एएसआई)
- भंवरलाल, उमराव (हेड कांस्टेबल)
- सीताराम, सुरेंद्र, रामनिवास, राधेश्याम, मोतीराम, सौरभ, राजेश, भागचंद और पुरण (कांस्टेबल)
पुलिस अब आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनसे अन्य वारदातों के बारे में भी गहन पूछताछ कर रही है।










