सिंगरौली: छात्रावास की बदहाली से परेशान छात्रों ने कलेक्टर से लगाई गुहार, सुविधाओं के अभाव में पढ़ाई बाधित
सिंगरौली जिले के बैढ़न स्थित अनुसूचित जाति सीनियर बालक छात्रावास के छात्र इन दिनों भारी समस्याओं से जूझ रहे हैं। छात्रावास में व्याप्त अव्यवस्थाओं और खराब भोजन से तंग आकर छात्रों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है। छात्रों का आरोप है कि लंबे समय से उन्हें मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है, जिसका सीधा असर उनके शैक्षणिक भविष्य पर पड़ रहा है।
छात्रों ने लगाए गंभीर आरोप
छात्रों ने अपनी शिकायत में बताया कि छात्रावास में न तो समय पर भोजन मिलता है और न ही उसकी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप है। छात्रों के अनुसार, पीने के पानी की कमी और साफ-सफाई का अभाव उनकी दैनिक दिनचर्या को कठिन बना रहा है। इस संबंध में शिवम, राजा, प्रवीण, आशीष, आकाश, अमन, श्रवण और दिवेंद्र सहित कई छात्रों ने छात्रावास अधीक्षक राजेश शाह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- भोजन की गुणवत्ता: परोसे जाने वाले खाने की स्थिति बेहद खराब है।
- बजट का बहाना: अधीक्षक द्वारा हर समस्या पर बजट का अभाव होने की बात कही जाती है।
- पढ़ाई पर असर: बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण छात्रों का ध्यान पढ़ाई से भटक रहा है।
- अनसुनी शिकायतें: पूर्व में की गई शिकायतों पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए।
प्रशासनिक स्तर पर जांच के आदेश
छात्र मारकंडे प्रजापति ने बताया कि कई बार मौखिक शिकायत करने के बावजूद जब हालात नहीं सुधरे, तो उन्हें कलेक्टर की शरण लेनी पड़ी। उन्होंने प्रशासन से छात्रावास की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए आदिवासी छात्रावास विभाग की अधीक्षिका रेखा पांचाल ने कहा कि कलेक्टर कार्यालय से उन्हें आवेदन प्राप्त हो गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे स्वयं छात्रावास का दौरा कर जमीनी हकीकत की जांच करेंगी।
| विभाग | कार्रवाई का आश्वासन |
|---|---|
| आदिवासी छात्रावास विभाग | निरीक्षण और लापरवाही मिलने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई। |
| जिला प्रशासन | संबंधित विभाग से रिपोर्ट तलब, शिकायतों का प्राथमिकता पर समाधान। |
जिला प्रशासन ने भी मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और छात्रों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन की इस पहल के बाद छात्रावास के हालात में कब तक सुधार आता है।
