Datia: दो अल्ट्रासाउंड सेंटरों का लाइसेंस रद्द, रिकॉर्ड में मिली भारी गड़बड़ी

मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) एक्ट के उल्लंघन के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले में चल रहे दो प्रमुख अल्ट्रासाउंड सेंटरों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद प्रशासन ने न केवल उनका पंजीयन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है,…

दतिया में अवैध सोनोग्राफी सेंटरों पर प्रशासन का बड़ा प्रहार, दो केंद्रों के पंजीयन निरस्त

मध्य प्रदेश के दतिया जिले में स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन ने पीसीपीएनडीटी (PCPNDT) एक्ट के उल्लंघन के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। जिले में चल रहे दो प्रमुख अल्ट्रासाउंड सेंटरों में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद प्रशासन ने न केवल उनका पंजीयन तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है, बल्कि वहां मौजूद सोनोग्राफी मशीनों को भी सील कर दिया है। यह कार्रवाई स्वास्थ्य सेवाओं में बरती जा रही लापरवाही के खिलाफ एक कड़ा संदेश है।

किन सेंटरों पर हुई कार्रवाई?

प्रशासन की जांच टीम ने जिन केंद्रों को अपने घेरे में लिया है, उनमें दतिया शहर और भांडेर तहसील के केंद्र शामिल हैं। इन सेंटरों के खिलाफ नियमों को ताक पर रखकर सोनोग्राफी करने के पुख्ता सबूत मिले हैं।

केंद्र का नाम स्थान मुख्य अनियमितता
रोहित अल्ट्रासाउंड सेंटर भांडेर बिना डॉक्टर के टेक्नीशियन द्वारा जांच
पीताम्बरा ईएनटी एंड अल्ट्रासोनोग्राफी सेंटर दतिया पंजीयन समाप्त होने के बाद भी संचालन

जांच में सामने आई चौंकाने वाली खामियां

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को कई गंभीर विसंगतियां मिलीं। भांडेर स्थित रोहित अल्ट्रासाउंड सेंटर पर जब टीम पहुंची, तो वहां पंजीकृत डॉक्टर के बजाय एक टेक्नीशियन मशीन संचालित करता हुआ पाया गया। इतना ही नहीं, वहां किसी भी मरीज का फॉर्म-एफ रिकॉर्ड नहीं मिला और निरीक्षण के दिन की एंट्री भी रजिस्टर से गायब थी।

वहीं, दतिया के पीताम्बरा ईएनटी एंड अल्ट्रासोनोग्राफी सेंटर की स्थिति और भी गंभीर पाई गई। इस सेंटर का पंजीयन 23 जून को ही समाप्त हो चुका था, इसके बावजूद केंद्र संचालकों ने 4 जुलाई से 10 जुलाई के बीच गर्भवती महिलाओं की सोनोग्राफी जारी रखी। इन जांचों का न तो कोई रिकॉर्ड मिला और न ही रेफरल स्लिप पर डॉक्टर का नाम स्पष्ट था।

जिला सलाहकार समिति का सख्त फैसला

  • दोनों सेंटरों की जांच रिपोर्ट जिला सलाहकार समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई।
  • समिति ने अनियमितताओं को कानून का गंभीर उल्लंघन मानते हुए दोनों केंद्रों का पंजीयन रद्द करने का निर्णय लिया।
  • कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी और जिला मॉनिटरिंग कमेटी के सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।
  • सीलिंग की कार्रवाई के साथ ही इन केंद्रों पर भविष्य में सोनोग्राफी करने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।

प्रशासन ने साफ कर दिया है कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के नियमों का पालन न करने वाले किसी भी निजी सेंटर को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि लिंग परीक्षण जैसी अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।


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