दुर्लभ बीमारी से जूझ रही 3 वर्षीय अनिका के इलाज में देरी पर हाईकोर्ट सख्त
स्पाइनल मस्क्युलर एट्रोफी (SMA) टाइप-2 जैसी जानलेवा और दुर्लभ बीमारी से जिंदगी की जंग लड़ रही तीन साल की मासूम अनिका शर्मा के इलाज में हो रही देरी को लेकर मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने गहरी नाराजगी जताई है। गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान एम्स (AIIMS) नई दिल्ली द्वारा जवाब दाखिल न करने पर कोर्ट ने कड़ी फटकार लगाई है। कोर्ट ने एम्स प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हर हाल में 23 जुलाई तक विस्तृत जवाब पेश किया जाए।
न्यायमूर्ति संदीप एन. भट्ट की एकल पीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए साफ कर दिया है कि अब और अधिक विलंब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई अब 27 जुलाई 2026 को तय की गई है।
इलाज के लिए 7.5 करोड़ की राशि जुटाई, फिर भी अटकी प्रक्रिया
याचिकाकर्ता की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट चंचल गुप्ता और लखन शर्मा ने कोर्ट को अवगत कराया कि अनिका के उपचार के लिए कुल 9.5 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। परिजनों ने केंद्र सरकार से मिली 50 लाख रुपये की सहायता राशि और जन-सहयोग (क्राउडफंडिंग) के जरिए अब तक 7.5 करोड़ रुपये से अधिक की राशि इकट्ठा कर ली है। इसके बावजूद उपचार की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पा रही है, जो परिवार के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
प्रशासनिक पेंच और इनवॉइस का संकट
परिजनों के अनुसार, एम्स प्रशासन का तर्क है कि जब तक केंद्र सरकार की 50 लाख रुपये की राशि की स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक इंजेक्शन उपलब्ध कराने वाली कंपनी से इनवॉइस नहीं लिया जा सकता। इनवॉइस के अभाव में सामाजिक संस्थाओं द्वारा जुटाई गई बड़ी धनराशि भी जारी नहीं हो पा रही है। नतीजतन, धन उपलब्ध होने के बाद भी मासूम का इलाज अधर में लटका हुआ है।
| कुल आवश्यक राशि | अब तक जुटाई गई राशि | शेष राशि की जरूरत |
|---|---|---|
| 9.5 करोड़ रुपये | 7.5 करोड़ रुपये से अधिक | लगभग 2 करोड़ रुपये |
लगातार समय मांगने पर कोर्ट नाराज
याचिकाकर्ता पक्ष ने कोर्ट को बताया कि पिछली कई तारीखों से केंद्र, राज्य सरकार और एम्स लगातार समय मांग रहे हैं। मासूम की नाजुक स्थिति को देखते हुए कोर्ट ने इस रवैये को गैर-जिम्मेदाराना माना है। कोर्ट ने कहा कि बच्ची के जीवन का प्रत्येक दिन कीमती है और सरकारी तंत्र को संवेदनशीलता दिखानी चाहिए।
अनिका का बढ़ता वजन बढ़ा रहा है मुश्किलें
इस बीमारी के साथ-साथ अनिका का बढ़ता वजन भी अब एक बड़ी चुनौती बन गया है। माता-पिता के लिए यह स्थिति और भी तनावपूर्ण है, क्योंकि दवा की खुराक बच्चे के वजन पर निर्भर करती है। अब परिवार को लक्ष्य तक पहुंचने के लिए अतिरिक्त राशि की तलाश है। कई नामी हस्तियों ने भी वीडियो के माध्यम से आम जनता से अनिका की जान बचाने के लिए मदद की अपील की है।
