भोपाल में कृषि विभाग से मिली आम किसान यूनियन, ग्रीष्मकालीन मूंग खरीदी पर मंथन
शुक्रवार को भोपाल में आम किसान यूनियन, हरदा के एक प्रतिनिधिमंडल ने कृषि विभाग के डायरेक्टर के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस चर्चा का मुख्य केंद्र ग्रीष्मकालीन मूंग की 100% समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीद सुनिश्चित करना था। बैठक काफी सकारात्मक रही और विभाग की ओर से किसानों को आश्वस्त किया गया कि जल्द ही उनके हित में बड़े फैसले लिए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र से मूंग खरीदी का कोटा बढ़ाने के लिए पुरजोर मांग की है और इस पर उच्च स्तर पर बातचीत चल रही है।
कोटा आवंटन पर उठे सवाल, अधिकारियों के पास नहीं था जवाब
बैठक के दौरान आम किसान यूनियन के प्रतिनिधि करण चौधरी ने सरकार की खरीद नीति पर तीखे सवाल खड़े किए। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए पूछा कि पिछले वर्ष 7.73 लाख मीट्रिक टन मूंग का उपार्जन 4.80 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से किया गया था। इस वर्ष केंद्र ने 4.50 लाख मीट्रिक टन का कोटा मंजूर किया है और पंजीकृत रकबा भी पिछले साल से 15% कम है।
- पिछले वर्ष का उपार्जन: 4.80 क्विंटल प्रति एकड़।
- मौजूदा स्थिति: रकबा घटने के बावजूद कोटा कम करना।
- सवाल: सरकार ने 2.80 क्विंटल के बजाय 1.20 क्विंटल प्रति एकड़ की मात्रा किस आधार पर तय की?
चौधरी द्वारा पूछे गए इस तार्किक सवाल का जवाब देने में वहां मौजूद अधिकारी पूरी तरह विफल रहे और कोई स्पष्टीकरण नहीं दे सके।
फसल बीमा और खाद वितरण पर भी चर्चा
मुलाकात के दौरान अन्य कृषि समस्याओं पर भी विस्तार से बात हुई। बैठक में दी गई जानकारी के अनुसार:
| विषय | निष्कर्ष/आश्वासन |
|---|---|
| खरीफ 2025 फसल बीमा | अगले 7-8 दिनों में राशि खाते में जमा होगी। |
| ई-विकास प्रणाली | तकनीकी समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। |
| उर्वरक वितरण | किसानों को सुचारु रूप से खाद उपलब्ध कराई जाएगी। |
मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी
आम किसान यूनियन ने सरकार को कड़ी चेतावनी दी है। यूनियन ने स्पष्ट किया है कि यदि अगले 3 से 4 दिनों के भीतर किसानों के पक्ष में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो मंगलवार को संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक में सरकार के खिलाफ आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी और विरोध प्रदर्शन का बिगुल फूंका जाएगा।










