खरगोन: टंट्या मामा भील विश्वविद्यालय में परीक्षाओं में देरी पर छात्रों का फूटा गुस्सा, दी तालाबंदी की चेतावनी
खरगोन स्थित क्रांति सूर्य टंट्या मामा भील विश्वविद्यालय में परीक्षाओं के आयोजन में हो रही अत्यधिक देरी के खिलाफ छात्रों का आक्रोश सड़क पर उतर आया है। बुधवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और युवक कांग्रेस ने संयुक्त रूप से एक विशाल प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर के मुख्य मार्गों से रैली निकाली और एसडीएम कार्यालय पहुंचकर कुलपति व राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के अंत में राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार दिनेश सोनारटिया को सौंपा गया।
संगठन के पदाधिकारियों का स्पष्ट आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की घोर लापरवाही और अव्यवस्था के कारण करीब 22 हजार विद्यार्थियों का शैक्षणिक भविष्य खतरे में पड़ गया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर परीक्षा कार्यक्रम घोषित नहीं किया गया, तो विश्वविद्यालय में ताला लगा दिया जाएगा।
अप्रैल में होनी थीं परीक्षाएं, अब तक टाइम टेबल का अता-पता नहीं
NSUI जिला अध्यक्ष नीलेश सागोरे ने बताया कि स्नातक स्तर के बीए, बीकॉम और बीएससी जैसे प्रमुख पाठ्यक्रमों की परीक्षाएं अप्रैल माह में आयोजित की जानी थीं। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि जुलाई-अगस्त का महीना बीतने को है, लेकिन अभी तक न तो परीक्षा कार्यक्रम तय हुआ है और न ही टाइम टेबल जारी किया गया है।
- प्रभावित छात्र: 86 संबद्ध कॉलेजों के लगभग 22,000 विद्यार्थी।
- प्रभावित जिले: खरगोन, बड़वानी, बुरहानपुर, अलीराजपुर और खंडवा।
- मुख्य समस्या: स्टाफ की कमी, संसाधनों का अभाव और प्रशासनिक उदासीनता।
विश्वविद्यालय के नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश प्रक्रिया भी इस देरी के कारण पूरी तरह से पटरी से उतर गई है, जिससे छात्रों में भारी असंतोष है।
उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन के दौरान संगठन ने परीक्षा में हो रही इस देरी की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। छात्रों का आरोप है कि जब भी वे विश्वविद्यालय प्रशासन से स्पष्टीकरण मांगते हैं, तो उन्हें केवल टालमटोल भरे जवाब मिलते हैं।
| मांग | विवरण |
|---|---|
| परीक्षा कार्यक्रम | 15 दिनों के भीतर टाइम टेबल जारी हो। |
| जवाबदेही | लापरवाह अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो। |
| सुधार | संसाधनों और स्टाफ की कमी को तुरंत दूर किया जाए। |
इस विरोध प्रदर्शन में सिद्धार्थ वर्मा, आवेश खान और नोबल कुशवाह सहित युवक कांग्रेस व NSUI के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। संगठन ने साफ कर दिया है कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो छात्रहित में उग्र आंदोलन किया जाएगा।










