इंदौर में ‘भास्कर समाधान’ बन रहा जनसमस्याओं का मसीहा, तेजी से मिल रहा शिकायतों का निपटारा
इंदौर में दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट शहरवासियों के लिए एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस डिजिटल मंच के जरिए नागरिक अपनी मूलभूत समस्याओं को सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत दर्ज होते ही संबंधित विभागों द्वारा त्वरित कार्रवाई की जा रही है, जिससे आमजन को समय पर राहत मिल रही है। यदि आप भी शहर की जमीनी हकीकत या जनसमस्याओं को उठाना चाहते हैं, तो भास्कर एप पर अपनी शिकायत पोस्ट कर सकते हैं।
वार्ड 35 के पार्षद राकेश एल. सोलंकी बने ‘पब्लिक स्टार’
वार्ड 35 के देवास नाका स्थित निर्मेश एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड ने सड़क पर गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण बढ़ते हादसों की शिकायत दर्ज कराई थी। इस समस्या से व्यापारियों और राहगीरों का निकलना दूभर हो गया था। शिकायत मिलते ही आज के ‘पब्लिक स्टार’ और पार्षद राकेश एल. सोलंकी ने तुरंत नगर निगम की टीम के साथ मौके का मुआयना किया। उन्होंने न केवल गड्ढों की मरम्मत करवाई, बल्कि जलभराव की समस्या का भी स्थायी समाधान निकाला।
एप के जरिए मिली शिकायतों का त्वरित निराकरण
- राजमहल कॉलोनी (वार्ड 66): निवासी विनोद लालवानी ने ड्रेनेज ओवरफ्लो की शिकायत की थी। पार्षद कंचन गिदवानी ने संज्ञान लेते हुए मशीन से लाइन की सफाई करवाई, जिससे गंदे पानी की समस्या से मुक्ति मिली।
इंदौर के इन इलाकों में अभी भी बरकरार हैं चुनौतियां
शहर के कई वार्डों में नागरिक अभी भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। ‘भास्कर समाधान’ पर आई प्रमुख शिकायतें निम्नलिखित हैं:
| क्षेत्र/वार्ड | प्रमुख समस्या |
|---|---|
| निपानिया (वार्ड 36) | दो महीने से अधूरा सड़क निर्माण, राहगीरों को भारी परेशानी। |
| चंद्र लोक नगर (वार्ड 37) | खाली प्लॉट में कचरे का ढेर, बदबू और मच्छरों का प्रकोप। |
| परदेशीपुरा (वार्ड 26) | एक महीने से टूटा ड्रेनेज ढक्कन, दुर्घटना की प्रबल आशंका। |
| ओमेक्स सिटी-1 (वार्ड 36) | लगातार ओवरफ्लो हो रहे चेंबर, बदबू से लोग परेशान। |
प्रशासन और जनता के बीच मजबूत सेतु है ‘भास्कर समाधान’
दैनिक भास्कर एप का ‘भास्कर समाधान’ देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जो आमजन और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित कर रहा है। इस मंच की विशेषताएं इसे खास बनाती हैं:
- डिजिटल समाधान: शिकायत सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचती है, जिससे समय की बचत होती है।
- अधिकारियों की जवाबदेही: अधिकारी मैप पर लोकेशन देखकर मौके पर कार्रवाई कर सकते हैं और एप के माध्यम से समाधान की जानकारी भी दे सकते हैं।
- पारदर्शी प्रक्रिया: समाधान होने पर शिकायतकर्ता स्वयं एप पर उसकी पुष्टि कर सकता है।
‘भास्कर समाधान’ का मुख्य उद्देश्य शहर के हर कोने से समस्याओं को रियल टाइम में प्रशासन तक पहुंचाना है। यह पहल न केवल समस्याओं का समाधान कर रही है, बल्कि इंदौर को स्वच्छ और सुरक्षित बनाने में एक सकारात्मक भूमिका निभा रही है।










