Question Hour: प्रश्नकाल शुरू करने के लिए नेता प्रतिपक्ष ने सीएमओ को लिखा पत्र

नगर पालिका परिषद के नेता प्रतिपक्ष शेखर वशिष्ठ ने नवागत मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) शैलेंद्र अवस्थी को एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने आगामी साधारण सम्मेलन की बैठक में नियमानुसार प्रश्नकाल (Question Hour) को अनिवार्य रूप से शामिल करने की पुरजोर मांग उठाई है। वशिष्ठ ने अपनी नाराजगी…

नगर पालिका की आगामी बैठक में प्रश्नकाल शामिल करने की मांग

नगर पालिका परिषद के नेता प्रतिपक्ष शेखर वशिष्ठ ने नवागत मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) शैलेंद्र अवस्थी को एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने आगामी साधारण सम्मेलन की बैठक में नियमानुसार प्रश्नकाल (Question Hour) को अनिवार्य रूप से शामिल करने की पुरजोर मांग उठाई है। वशिष्ठ ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पूर्व की बैठकों में प्रश्नकाल को एजेंडे से बाहर रखा गया, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रश्नकाल पार्षदों का संवैधानिक अधिकार है, जिसके जरिए वे जनहित से जुड़े गंभीर मुद्दों को सीधे तौर पर अध्यक्ष और सीएमओ के समक्ष रख सकते हैं।

एजेंडे में शामिल होने चाहिए जनहित के ज्वलंत मुद्दे

नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार, बैठक का एजेंडा जारी होने से 15 दिन पूर्व पार्षद अपने प्रश्न प्रस्तुत करते हैं, जिन्हें एजेंडे में स्थान मिलना अनिवार्य है। उन्होंने आगामी बैठक के लिए निम्नलिखित प्रमुख मुद्दों को प्रश्नकाल में शामिल करने की मांग की है:

  • अगस्त 2022 से अब तक वार्डों में कीटनाशक, फिनायल और डीडीटी के वितरण का विवरण।
  • शहर में बढ़ते आवारा मवेशियों की रोकथाम और कांजी हाउस की वर्तमान स्थिति।
  • वार्डों में बनाई गई घटिया सड़कों के निर्माण कार्य की जांच और जवाबदेही।
  • जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तावित विकास कार्यों की अनदेखी का कारण।
  • नामांतरण प्रक्रिया में हो रही अनावश्यक देरी और कचरा वाहन प्रबंधन की अव्यवस्था।
  • नगर पालिका कर्मचारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला।

प्रशासन से सुधार की उम्मीद

शेखर वशिष्ठ ने इस बात पर जोर दिया कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि नवागत सीएमओ शैलेंद्र अवस्थी इस मांग को गंभीरता से लेंगे और आगामी परिषद बैठक में प्रश्नकाल को एजेंडे का हिस्सा बनाएंगे। नीचे दी गई तालिका में मुख्य मांगों का संक्षिप्त विवरण दिया गया है:

क्रम संख्या मुद्दे का विवरण
1 नियम अनुसार प्रश्नकाल का अनिवार्य प्रावधान
2 स्वास्थ्य सामग्री वितरण की ऑडिट
3 सड़क निर्माण और विकास कार्यों की समीक्षा
4 प्रशासनिक कार्यप्रणाली में सुधार और जवाबदेही

नेता प्रतिपक्ष का मानना है कि यदि इन मुद्दों पर सदन में चर्चा होती है, तो शहर के विकास कार्यों में गति आएगी और आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो सकेगा। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।


Exit mobile version