दतिया उपचुनाव: संजना सिंह की उम्मीदवारी से बदली सियासत की तस्वीर
दतिया विधानसभा उपचुनाव अब केवल एक सामान्य चुनावी मुकाबला नहीं रह गया है, बल्कि यह देश में किन्नर समाज के राजनीतिक सशक्तिकरण का एक बड़ा मंच बनता जा रहा है। भोपाल की निवासी और किन्नर अखाड़े की महामंडलेश्वर संजना सिंह (संजना नंद गिरि) ने नामांकन दाखिल कर चुनावी अखाड़े में अपनी उपस्थिति दर्ज करा दी है। मध्य प्रदेश की पहली ट्रांसजेंडर सरकारी कर्मचारी रहीं संजना का मानना है कि उनका लक्ष्य केवल कुर्सी हासिल करना नहीं, बल्कि हाशिए पर खड़े किन्नर समुदाय को नीति निर्धारण की मुख्यधारा से जोड़ना है।
सेवा से राजनीति तक का सफर
संजना सिंह का अब तक का सफर प्रेरणादायी रहा है। वे सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन कल्याण विभाग में अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। इसके अलावा, उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन और राज्य निर्वाचन आयोग के ‘स्टेट आइकॉन’ के रूप में भी अपनी पहचान बनाई है। लगभग दो साल पहले सरकारी नौकरी से इस्तीफा देकर उन्होंने आध्यात्मिक मार्ग चुना और किन्नर अखाड़े में महामंडलेश्वर के पद पर आसीन हुईं। उनका स्पष्ट कहना है कि उनका न कोई परिवार है और न ही कोई उत्तराधिकारी, इसलिए वे भ्रष्टाचार से दूर रहकर पूरी निष्ठा के साथ जनसेवा करना चाहती हैं।
किन्नर समाज के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव की चुनौती
अपने चुनाव अभियान के दौरान संजना सिंह मतदाताओं के बीच जाकर किन्नर समुदाय के प्रति समाज की दकियानूसी सोच को बदलने का आह्वान कर रही हैं। उनका दावा है कि इस चुनाव के जरिए वे राजनीति में समावेशिता का संदेश दे रही हैं। प्रचार को धार देने के लिए देशभर से किन्नर समुदाय और विभिन्न अखाड़ों के प्रमुखों को दतिया बुलाया जा रहा है।
भाजपा ने कसी कमर: 32 सदस्यीय समिति का गठन
दूसरी ओर, दतिया उपचुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति को अंतिम रूप दे दिया है। पार्टी ने 32 सदस्यीय चुनाव संचालन समिति का गठन किया है, जिसकी कमान अनुभवी नेता और पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को सौंपी गई है।
| पद | नियुक्त नाम |
|---|---|
| चुनाव संचालन समिति प्रमुख | डॉ. नरोत्तम मिश्रा |
| चुनाव अभियान प्रमुख | अरविंद भदौरिया |
| चुनाव अभियान सह-प्रमुख | रणवीर रावत |
प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और उपचुनाव प्रभारी भारत सिंह कुशवाह की सहमति से जारी इस सूची में क्षेत्रीय समीकरणों का भी पूरा ध्यान रखा गया है। समिति में जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह कुशवाह और सेवढ़ा विधायक प्रदीप अग्रवाल समेत स्थानीय जातिगत प्रतिनिधित्व करने वाले कई वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है, जिससे भाजपा अपनी पकड़ मजबूत बनाए रखने की कोशिश में है।
