Harda: बिजली चोरी पर कंपनी का एक्शन, 339 कनेक्शन कटे, 30 लाख जुर्माना

मध्य प्रदेश के हरदा जिले में बिजली चोरी और अनाधिकृत रूप से बिजली के इस्तेमाल पर नकेल कसने के लिए मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने एक व्यापक विशेष अभियान शुरू किया है। पिछले तीन दिनों के भीतर विभाग की टीमों ने जिले के कई इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिसके दौरान…

हरदा में बिजली विभाग का बड़ा एक्शन: 339 अवैध कनेक्शन काटे, 30 लाख की वसूली की तैयारी

मध्य प्रदेश के हरदा जिले में बिजली चोरी और अनाधिकृत रूप से बिजली के इस्तेमाल पर नकेल कसने के लिए मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड ने एक व्यापक विशेष अभियान शुरू किया है। पिछले तीन दिनों के भीतर विभाग की टीमों ने जिले के कई इलाकों में ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिसके दौरान 339 अवैध और अनियमित विद्युत कनेक्शनों को तत्काल प्रभाव से काट दिया गया है। विभाग की इस कार्रवाई से बिजली चोरों में हड़कंप मच गया है।

30 लाख रुपए की होगी रिकवरी और वैधानिक कार्रवाई

बिजली कंपनी के महाप्रबंधक सुरेश कुमार ने इस कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जांच के दौरान पकड़े गए सभी मामलों में बिजली चोरी का आकलन नियमानुसार किया गया है। विभाग ने इन उपभोक्ताओं से लगभग 30 लाख रुपए की वसूली करने का लक्ष्य रखा है। इसके अतिरिक्त, दोषी उपभोक्ताओं के खिलाफ विद्युत अधिनियम की धाराओं के तहत कानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

विवरणआंकड़े
कुल काटे गए अवैध कनेक्शन339
वसूली की जाने वाली अनुमानित राशि30 लाख रुपए
अभियान की अवधि3 दिन

वैध कनेक्शन और समय पर बिल भुगतान की अपील

महाप्रबंधक ने जिले के तमाम उपभोक्ताओं से आग्रह किया है कि वे बिजली का उपयोग केवल वैध कनेक्शन के माध्यम से ही करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि मीटर से छेड़छाड़ करना या सीधे तारों से बिजली जलाना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि यह खतरनाक भी हो सकता है। उपभोक्ताओं को समय पर अपने बिजली बिलों का भुगतान करने के लिए कहा गया है ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।

बिजली चोरी रोकने के लिए जारी रहेगा अभियान

विभाग ने साफ कर दिया है कि विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत बिजली चोरी एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। आने वाले दिनों में भी हरदा जिले में सघन जांच अभियान निरंतर जारी रहेगा। विभाग ने आम जनता से भी सहयोग की अपेक्षा की है। यदि किसी को भी बिजली चोरी, मीटर में हेरफेर या अवैध कनेक्शन की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत स्थानीय विद्युत कार्यालय में इसकी सूचना दे सकते हैं।

  • गोपनीयता का आश्वासन: सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान को पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।
  • सख्त रुख: बिजली चोरी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • सतर्कता: अवैध कनेक्शनों की पहचान के लिए विशेष टीमों का गठन किया गया है।

बिजली कंपनी का यह कदम राजस्व की हानि को रोकने और बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में कोई रियायत नहीं बरती जाएगी।