बालाघाट में स्कूली वाहनों पर पुलिस का शिकंजा: नियमों की अनदेखी करने वाली 7 वैन जब्त
मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले में पुलिस मुख्यालय के सख्त निर्देशों के बाद यातायात पुलिस ने स्कूली वाहनों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। इस विशेष चेकिंग अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर लगाम कसना है। पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया है।
जांच में सामने आई गंभीर खामियां
यातायात पुलिस की जांच टीम ने जब स्कूली वाहनों को रोकना शुरू किया, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। जांच में पाया गया कि कई निजी वाहन बिना किसी वैध परमिट के स्कूली वैन के रूप में धड़ल्ले से चलाए जा रहे थे। पुलिस ने वाहनों के फिटनेस, बीमा, परमिट और प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) की बारीकी से जांच की।
अभियान के दौरान पाई गई मुख्य कमियां निम्नलिखित हैं:
- फिटनेस प्रमाण पत्र का अभाव: चार स्कूली वाहनों में फिटनेस सर्टिफिकेट नहीं था।
- सुरक्षा उपकरणों की कमी: तीन वैन में फर्स्ट एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) जैसी अनिवार्य सुरक्षा सामग्री गायब मिली।
- परमिट का उल्लंघन: कई वाहन पिछले 10 वर्षों से बिना वैध परमिट के संचालित हो रहे थे।
15,500 रुपये का जुर्माना और सख्त हिदायत
नियमों को ताक पर रखकर बच्चों की जान जोखिम में डालने वाले वाहन संचालकों पर पुलिस ने भारी जुर्माना लगाया है। यातायात पुलिस ने नियमों के उल्लंघन पर कुल 15,500 रुपये का चालान काटा है, जिसे सरकारी खजाने में जमा करा दिया गया है। साथ ही, जब्त किए गए वाहनों को थाने में खड़ा कराया गया है और संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जब तक सभी दस्तावेज पूरे नहीं हो जाते, वाहन सड़क पर नहीं उतरेंगे।
| कार्रवाई का विवरण | संख्या/राशि |
|---|---|
| जब्त किए गए कुल स्कूली वाहन | 7 से अधिक |
| कुल वसूला गया जुर्माना | 15,500 रुपये |
प्रशासन की चेतावनी: निरंतर जारी रहेगी जांच
यातायात थाना उपनिरीक्षक दिनेश तिवारी ने बताया कि विभाग ने कार्रवाई से पहले ही 27 विद्यालयों को सुरक्षा मानकों के पालन हेतु नोटिस जारी किया था, लेकिन चेतावनी के बावजूद वाहनों में सुधार नहीं किया गया। उन्होंने यह भी कहा कि बिना परमिट के चल रहे वाहनों के पास अन्य दस्तावेज (बीमा, फिटनेस) कैसे बने, यह एक बड़ा सवाल है, जिसकी जांच की जा रही है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यह अभियान केवल एक दिन का नहीं है, बल्कि भविष्य में भी यह चेकिंग निरंतर जारी रहेगी। अभिभावकों और स्कूल संचालकों से अपील की गई है कि वे बच्चों की सुरक्षा के प्रति गंभीर रहें और सभी जरूरी दस्तावेज समय पर अपडेट करवाएं।
