मध्य प्रदेश पुलिस में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 374 निरीक्षकों को मिली DSP के पद की जिम्मेदारी
मध्य प्रदेश गृह विभाग ने राज्य के पुलिस महकमे में एक बड़ा प्रशासनिक निर्णय लेते हुए व्यापक स्तर पर फेरबदल किया है। विभाग ने प्रदेश भर के 374 पुलिस निरीक्षकों को पदोन्नत करते हुए उन्हें उप पुलिस अधीक्षक (DSP) का प्रभार सौंपा है। इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव का असर जबलपुर जिले पर भी देखने को मिला है, जहाँ 10 पुलिस अधिकारियों को डीएसपी के पद पर प्रभार मिला है।
जबलपुर से पदोन्नत होने वाले अधिकारियों की सूची
राज्य स्तरीय इस पदोन्नति सूची में जबलपुर के कई अनुभवी अधिकारियों के नाम शामिल हैं। इन अधिकारियों को नई जिम्मेदारी मिलने से जिले की कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी। पदोन्नत होने वाले अधिकारियों का विवरण नीचे दिया गया है:
| अधिकारी का नाम | वर्तमान पदस्थापना |
|---|---|
| शैलेश मिश्रा | क्राइम ब्रांच |
| धनीराम बरकड़े | क्राइम ब्रांच |
| विपिन बिहारी सिंह | थाना प्रभारी, पनागर |
| अर्चना सिंह जाट | एसपी कार्यालय |
| शोभना मिश्रा | आईजी कार्यालय |
| रितेश साहू | आईजी कार्यालय |
| सुबोध लोखंडे | 6वीं बटालियन |
| रीना पांडे | 6वीं बटालियन |
| विजय अभोरे | 6वीं बटालियन |
| महेंद्र प्रताप सिंह | 6वीं बटालियन |
पदोन्नति से जुड़ी महत्वपूर्ण शर्तें और प्रक्रिया
गृह विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार, यह पदोन्नति पूरी तरह से मध्य प्रदेश लोक सेवा अधिनियम, 1994 और पदोन्नति नियम, 2025 के प्रावधानों के अंतर्गत की गई है। इस प्रक्रिया से संबंधित मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- परिवीक्षा अवधि: पदोन्नति कार्यभार ग्रहण करने की तिथि से दो वर्ष की परिवीक्षा अवधि के लिए प्रभावी रहेगी।
- तत्काल प्रभाव: सभी पदोन्नत अधिकारियों को उनके वर्तमान पदस्थापना स्थल से तत्काल प्रभाव से भारमुक्त कर दिया गया है।
- नवीन पदस्थापना: शासन द्वारा इन अधिकारियों की नवीन पदस्थापना के लिए पृथक आदेश जल्द ही जारी किए जाएंगे।
प्रशासनिक जानकारों का मानना है कि जबलपुर के इन 10 अधिकारियों को उच्च पद मिलने से न केवल पुलिस महकमे का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में भी नई ऊर्जा का संचार होगा। इन अधिकारियों के अनुभव का लाभ अब प्रदेश की कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने में मिलेगा।










