मध्य प्रदेश पुलिस विभाग की बड़ी चूक: मृत पुलिसकर्मी का नाम पदोन्नति सूची में शामिल
मध्य प्रदेश पुलिस विभाग में उस समय हड़कंप मच गया जब हाल ही में जारी की गई कार्यवाहक उप निरीक्षकों की पदोन्नति सूची में एक बड़ी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई। विभाग ने राज्य भर के 2035 पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी है, लेकिन इस सूची में एक ऐसे अधिकारी का नाम भी दर्ज है, जिनका निधन पिछले वर्ष ही हो चुका है। यह गंभीर चूक पुलिस मुख्यालय की कार्यप्रणाली और डेटा वेरिफिकेशन प्रक्रिया पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।
सूची में शामिल नाम और चौंकाने वाली सच्चाई
प्रशासन द्वारा जारी की गई इस पदोन्नति सूची में क्रमांक 1115 पर राकेश सिंह बघेल का नाम दर्ज किया गया है। जानकारी के अनुसार, राकेश सिंह बघेल पन्ना जिले के देवेन्द्रनगर थाने में पदस्थ थे, जहाँ पिछले वर्ष बीमारी के चलते कार्डियक अरेस्ट से उनका निधन हो गया था। वे मूल रूप से सतना जिले के कोठी थाना क्षेत्र के दिदौंध गांव के निवासी थे। एक दिवंगत कर्मचारी का नाम पदोन्नति सूची में आना विभाग की आंतरिक कार्यप्रणाली में भारी खामियों को उजागर करता है।
प्रशासनिक सत्यापन प्रक्रिया पर उठे गंभीर सवाल
पदोन्नति जैसी महत्वपूर्ण प्रक्रिया के दौरान सेवा अभिलेखों का सूक्ष्मता से मिलान करना अनिवार्य होता है। इस घटना ने कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को रेखांकित किया है:
- अभिलेखों का अभाव: सूची तैयार करते समय मृतक कर्मचारी के सेवा रिकॉर्ड को अपडेट नहीं किया गया, जो विभाग की डेटा प्रबंधन प्रणाली पर सवाल उठाता है।
- सत्यापन में लापरवाही: पदोन्नति से पहले संबंधित जिले से कर्मचारियों की वर्तमान स्थिति का सत्यापन क्यों नहीं किया गया, यह जांच का विषय है।
- विश्वसनीयता का संकट: इस तरह की चूक से विभागीय रिकॉर्ड की शुद्धता पर आम जनता और पुलिसकर्मियों के बीच विभाग की छवि धूमिल हुई है।
विभागीय सूत्रों का मानना है कि यदि समय रहते सेवा रिकॉर्ड और मृत्यु प्रमाण पत्रों का मिलान किया जाता, तो इस शर्मनाक स्थिति से बचा जा सकता था। फिलहाल, इस मामले के सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन के भीतर हड़कंप की स्थिति है और इस चूक के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग उठ रही है।
