न्याय अपडेट: परासिया-गढ़ाकोटा में नई सिविल कोर्ट का ई-लोकार्पण शुरू


मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक रूसिया ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए छिंदवाड़ा जिले के परासिया और सागर जिले के गढ़ाकोटा में नवनिर्मित सिविल न्यायालय भवनों का ई-लोकार्पण किया। इस अवसर पर उच्च न्यायालय के कई वरिष्ठ न्यायाधीश और रजिस्ट्रार जनरल धरमिन्दर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।…

मध्य प्रदेश को मिली नई न्यायिक सौगात: छिंदवाड़ा और सागर में अत्याधुनिक न्यायालय भवनों का ई-लोकार्पण

मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक रूसिया ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए छिंदवाड़ा जिले के परासिया और सागर जिले के गढ़ाकोटा में नवनिर्मित सिविल न्यायालय भवनों का ई-लोकार्पण किया। इस अवसर पर उच्च न्यायालय के कई वरिष्ठ न्यायाधीश और रजिस्ट्रार जनरल धरमिन्दर सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। इन अत्याधुनिक भवनों का निर्माण न्यायिक कार्यों को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किया गया है।

परासिया न्यायालय: 16 करोड़ से अधिक की आधुनिक सुविधाएं

छिंदवाड़ा के परासिया में लगभग 16.08 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस नए भवन में न्यायिक प्रक्रियाओं को गति देने के लिए आधुनिक संसाधनों का समावेश किया गया है। भवन की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:

  • न्यायिक कक्ष: 4 आधुनिक न्यायालय कक्षों की उपलब्धता।
  • प्रशासनिक सुविधाएं: मालखाना, अभिलेख कक्ष और पुस्तकालय।
  • तकनीकी व्यवस्था: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और बैठक कक्ष।
  • जनसुविधाएं: जिला विधिक सहायता कार्यालय, बार कक्ष, बैंक, एटीएम, क्रेच और पार्किंग।

गढ़ाकोटा न्यायालय: सागर में न्यायिक पहुंच को मजबूती

सागर जिले के गढ़ाकोटा में लगभग 17.58 करोड़ रुपये की लागत से बने नए सिविल न्यायालय भवन में नागरिक सुविधाओं और न्यायिक दक्षता का विशेष ध्यान रखा गया है। यहां की प्रमुख सुविधाएं निम्नलिखित हैं:

  • न्यायिक बुनियादी ढांचा: 3 न्यायालय कक्षों के साथ ई-फाइलिंग सेंटर और मध्यस्थता कक्ष।
  • विशेष सुविधाएं: महिला पीड़ित कक्ष, केंद्रीय अभिलेख कक्ष और न्यायाधीश पुस्तकालय।
  • अत्याधुनिक संसाधन: लिफ्ट, रैम्प, औषधालय, कैंटीन और एटीएम जैसी नागरिक सुविधाएं।
  • तकनीकी सुगमता: वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की सुविधा और पार्किंग का पर्याप्त प्रबंध।

न्याय तक पहुंच को सरल बनाना प्राथमिकता

इस अवसर पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक रूसिया ने जोर देकर कहा कि सुदृढ़ और आधुनिक न्यायिक अधोसंरचना ही न्याय तक सरल, त्वरित और प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने का मुख्य आधार है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन नवीन भवनों के निर्माण से न केवल न्यायिक कार्यों की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि न्यायाधीशों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों और आम नागरिकों को एक बेहतर और सुविधाजनक वातावरण भी प्राप्त होगा।


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