Dewas: महज 6 मिनट में हैक हुई लग्जरी कार, CCTV में कैद चोरी की वारदात


मध्य प्रदेश के देवास शहर में चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने वाहन मालिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीएनपी थाना क्षेत्र में बदमाशों ने महज छह मिनट के भीतर 22 लाख रुपये की एक महंगी कार को बिना किसी तोड़फोड़ के उड़ा लिया। प्रारंभिक जांच में…

देवास में हाईटेक कार चोरी: 6 मिनट में 22 लाख की गाड़ी गायब

मध्य प्रदेश के देवास शहर में चोरी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने वाहन मालिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीएनपी थाना क्षेत्र में बदमाशों ने महज छह मिनट के भीतर 22 लाख रुपये की एक महंगी कार को बिना किसी तोड़फोड़ के उड़ा लिया। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि चोरों ने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए कार के की-लेस एंट्री सिस्टम (Keyless Entry System) या इलेक्ट्रॉनिक सेंसर को हैक किया है। घटना 15 जुलाई की रात 3:32 बजे की है, जब तीन अज्ञात बदमाश एक सफेद कार में सवार होकर आए और 3:38 बजे तक पीड़ित रजनीश अग्रवाल की कार लेकर फरार हो गए।

सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई शातिर वारदात

घटना के समय कार मालिक रजनीश अग्रवाल परिवार के साथ खाटू श्याम के दर्शन के लिए बाहर गए हुए थे। सुबह जब घर के सदस्यों ने बाहर देखा तो कार गायब थी। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि तीन बदमाश एक अन्य कार से आए थे, जो बाद में जांच में गुजरात से चोरी की निकली। फुटेज में स्पष्ट दिख रहा है कि चोरों ने बेहद सफाई से कार को स्टार्ट किया और उसे लेकर रफूचक्कर हो गए। शहर के अलग-अलग रास्तों पर दोनों गाड़ियां एक साथ गुजरती हुई सीसीटीवी में कैद हुई हैं, जिससे यह साफ है कि आरोपियों ने पहले से ही पूरी प्लानिंग कर रखी थी।

जीपीएस को किया निष्क्रिय, नंबर प्लेट भी बदली

पुलिस की जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी कितने शातिर हैं। उन्होंने विजयागंज मंडी रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के पास रुककर अपनी कार की नंबर प्लेट बदल दी और रास्ते में कुछ सामान भी फेंक दिया। कार मालिक ने बताया कि उनकी गाड़ी में कंपनी का जीपीएस सिस्टम लगा था, लेकिन चोरों ने किसी सॉफ्टवेयर का उपयोग करके उसे तुरंत ही निष्क्रिय (Deactivate) कर दिया, जिससे गाड़ी की लाइव लोकेशन का पता नहीं चल सका।

पुलिस की जांच और सुरक्षा के लिए सुझाव

बीएनपी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस हर उस एंगल की जांच कर रही है जिससे यह पता चल सके कि क्या बदमाशों ने किसी ‘रिमोट सिग्नल रिपीटर’ डिवाइस का उपयोग किया है। विशेषज्ञों का मानना है कि की-लेस एंट्री वाली कारों की सुरक्षा के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरती जानी चाहिए:

  • फराडे बैग (Faraday Bag) का उपयोग करें: अपनी कार की चाबी को ऐसे बैग में रखें जो सिग्नल को ब्लॉक कर देता है।
  • मैनुअल लॉक का इस्तेमाल करें: यदि संभव हो, तो घर पर कार को अतिरिक्त स्टीयरिंग लॉक या व्हील लॉक से सुरक्षित करें।
  • पार्किंग पर ध्यान दें: कार को हमेशा अच्छी रोशनी वाली और सीसीटीवी निगरानी वाली जगह पर ही पार्क करें।
  • सेंसर अपडेट: कंपनी द्वारा उपलब्ध कराए गए सुरक्षा अपडेट्स और सॉफ्टवेयर पैच को हमेशा इंस्टॉल रखें।

फिलहाल, पुलिस की टीमें उज्जैन रोड की ओर भागे संदिग्धों की तलाश में जुटी हैं और इलाके के अन्य सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है।


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