Sawan Update: कुबेरेश्वर धाम में उमड़ा जनसैलाब, भक्तों ने किया महादेव का अभिषेक


पवित्र श्रावण मास के पहले दिन मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सावन के प्रथम सोमवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िए भगवान कुबेरेश्वर महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए धाम पहुंचे। सीवन नदी के तट पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा…

श्रावण मास का आगाज: सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों भक्तों ने किया जलाभिषेक

पवित्र श्रावण मास के पहले दिन मध्य प्रदेश के सीहोर स्थित प्रसिद्ध कुबेरेश्वर धाम में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सावन के प्रथम सोमवार को हजारों की संख्या में श्रद्धालु और कांवड़िए भगवान कुबेरेश्वर महादेव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए धाम पहुंचे। सीवन नदी के तट पर सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा, जहां से पवित्र जल लेकर श्रद्धालु ‘बोल बम’ और ‘श्री शिवाय नमस्तुभ्यं’ के जयकारों के साथ पैदल कुबेरेश्वर धाम पहुंचे। पूरा क्षेत्र शिवमय हो गया है और प्रशासन ने भारी भीड़ के मद्देनजर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

भक्ति और सेवा का संगम: पंडित प्रदीप मिश्रा का संदेश

इस पावन अवसर पर प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने देशवासियों को सावन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना और आत्मिक शांति का विशेष समय है। उन्होंने भक्ति के स्वरूप को स्पष्ट करते हुए कहा कि केवल पूजा-पाठ ही नहीं, बल्कि सेवा और अच्छे कर्म भी भगवान को प्रसन्न करने का माध्यम हैं।

  • भक्ति में समर्पण: पंडित मिश्रा ने भगवान गणेश के प्रसंग का उल्लेख करते हुए बताया कि माता-पिता की सेवा ही सबसे बड़ी भक्ति है। उन्होंने कहा कि दिखावे से दूर रहकर सच्चे विश्वास के साथ की गई पूजा ही फलदायी होती है।
  • सेवा ही पूजा: उन्होंने सलाह दी कि यदि किसी कारणवश मंदिर में जलाभिषेक संभव न हो, तो शिवालय की साफ-सफाई और वहां सेवा कार्य करना भी भगवान शिव की पूजा के समान ही पुण्यकारी है।
  • नियमित आराधना: भक्तों से आह्वान किया गया कि वे अपनी क्षमता के अनुसार रोजाना अपने नजदीकी शिवालय में जाकर भगवान भोलेनाथ की सेवा करें।

कुबेरेश्वर धाम में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

श्रावण मास के दौरान धाम में भक्तों की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन ने विशेष व्यवस्थाएं की हैं। मंदिर परिसर में सुचारु दर्शन के लिए कतारबद्ध व्यवस्था सुनिश्चित की गई है, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। दिनभर धार्मिक अनुष्ठानों और भक्तों की आवाजाही से कुबेरेश्वर धाम का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना हुआ है।