Interview: गलत रिश्तों से डरिए, कमिटमेंट से नहीं – इन सितारों ने दी सलाह

फिल्म 'मैक्स, मिन एंड म्याउजाकी' केवल प्यार और बिछड़ने की कहानी नहीं है, बल्कि यह रिश्तों के उलझाव, अकेलेपन, और खुद को समझने की एक संवेदनशील यात्रा है। निर्देशक पद्मकुमार नरसिम्हामूर्ति, अभिनेता सिद्धार्थ मेनन और अभिनेत्री विधात्री बंदी ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में इस फिल्म के जरिए मानसिक स्वास्थ्य, कमिटमेंट और भावनात्मक संतुलन…

रिश्तों की गहराई और मानसिक स्वास्थ्य पर आधारित फिल्म ‘मैक्स, मिन एंड म्याउजाकी’

फिल्म ‘मैक्स, मिन एंड म्याउजाकी’ केवल प्यार और बिछड़ने की कहानी नहीं है, बल्कि यह रिश्तों के उलझाव, अकेलेपन, और खुद को समझने की एक संवेदनशील यात्रा है। निर्देशक पद्मकुमार नरसिम्हामूर्ति, अभिनेता सिद्धार्थ मेनन और अभिनेत्री विधात्री बंदी ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में इस फिल्म के जरिए मानसिक स्वास्थ्य, कमिटमेंट और भावनात्मक संतुलन जैसे गंभीर विषयों पर खुलकर चर्चा की।

फिल्म का मूल मंत्र: ‘रिश्ते निभाने से ज्यादा जरूरी उन्हें समझना है।’

फिल्म का मकसद: कमाई नहीं, मतलब वाली कहानी

निर्देशक पद्मकुमार का मानना है कि आज के दौर में जब फिल्में अक्सर ट्रेंड को फॉलो करती हैं, तब उन्होंने एक अलग राह चुनी है।

  • पद्मकुमार: “विज्ञापन जगत के अनुभव ने मुझे सिखाया कि फिल्म का उद्देश्य सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि दर्शकों के दिल पर छाप छोड़ना होना चाहिए। निर्माता ने मुझे पूरी आजादी दी, जिससे मैं कहानी को उसकी मूल भावना के साथ पर्दे पर ला सका।”
  • सिद्धार्थ मेनन: “स्क्रिप्ट सुनते ही मुझे लगा कि यह फिल्म इंसान को भीतर से बेहतर बनने के लिए प्रेरित करती है। यह केवल एक फिल्म नहीं, बल्कि एक गहरा अनुभव है।”
  • विधात्री बंदी: “कहानी पढ़ते ही मैं भावुक हो गई थी। यह फिल्म लोगों को अपने रिश्तों के प्रति ईमानदार होने का नजरिया देगी।”

रिश्तों में कमिटमेंट और आज की युवा पीढ़ी

आज के दौर में ‘सिचुएशनशिप’ और ‘बेंचिंग’ जैसे शब्दों के बीच क्या युवा रिश्तों से भाग रहे हैं? इस पर कलाकारों ने अपने विचार साझा किए:

विषयविशेषज्ञ राय
रिलेशनशिप ग्रोथसिद्धार्थ का कहना है कि रिश्ता खत्म होना गलत नहीं है, बल्कि उससे बाहर निकलने का तरीका महत्वपूर्ण है। साथ रहने के साथ-साथ व्यक्तिगत विकास भी जरूरी है।
युवा पीढ़ीविधात्री के अनुसार, आज के युवा पहले खुद को समझना चाहते हैं, जो एक सकारात्मक कदम है। स्पष्टता आने पर वे रिश्तों में अधिक ईमानदारी से जुड़ते हैं।

मानसिक स्वास्थ्य और थेरेपी की अहमियत

निर्देशक पद्मकुमार ने बताया कि विदेशों में फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान पुरुषों की संवेदनशीलता को काफी सराहा गया। उन्होंने कहा, “पुरुषों को भी अपनी भावनाएं व्यक्त करने का अधिकार है। मेरे अपने दोस्त के नुकसान ने मुझे सिखाया कि मानसिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।”

अभिनेत्री विधात्री ने माना कि इंडस्ट्री में रिजेक्शन का सामना करने के लिए एक मजबूत सपोर्ट सिस्टम और मानसिक मजबूती बहुत जरूरी है। वहीं, अभिनेता सिद्धार्थ ने खुलकर स्वीकार किया कि उन्होंने थेरेपी का सहारा लिया है और वे इसे शारीरिक स्वास्थ्य की तरह ही अनिवार्य मानते हैं।

फिल्म की रिलीज

फिल्म ‘मैक्स, मिन और म्याउजाकी’ आगामी 24 जुलाई 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। यह फिल्म दर्शकों को न केवल मनोरंजन देगी, बल्कि उन्हें मानवीय संवेदनाओं और करुणा के बारे में सोचने पर भी मजबूर करेगी।