कुसमी में मूसलाधार बारिश का कहर: जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त
छत्तीसगढ़ के कुसमी में पिछले कुछ घंटों से हो रही मूसलाधार बारिश ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। लगातार जारी वर्षा के कारण नगर के निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे लोग अपने ही घरों में कैद होने को मजबूर हैं। स्थिति इतनी भयावह है कि कई रिहायशी मोहल्लों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के भीतर पानी घुस गया है, जिससे भारी मात्रा में सामान का नुकसान हुआ है।
सड़कें बनीं तालाब, व्यापार पर पड़ा असर
बारिश के चलते शहर की सड़कें तालाब में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे आवागमन पूरी तरह से बाधित हो गया है। जलभराव के कारण न केवल पैदल चलने वालों को परेशानी हो रही है, बल्कि वाहन चालकों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। व्यापारियों का कहना है कि दुकानों में पानी घुसने से उन्हें आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, जलजमाव की यह स्थिति नगर की बदहाल बुनियादी सुविधाओं की पोल खोल रही है।
नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
नगर पंचायत कुसमी की लचर जल निकासी व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का आरोप है कि मानसून पूर्व नाले-नालियों की सफाई न होने के कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। जनता की प्रमुख मांगें और समस्याएं इस प्रकार हैं:
- जल निकासी: शहर के प्रमुख नालों की तत्काल सफाई और स्थायी निकासी मार्ग का निर्माण।
- सर्वेक्षण: जलभराव से प्रभावित घरों और दुकानों का प्रशासन द्वारा सर्वे।
- मुआवजा: नुकसान झेलने वाले पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता प्रदान करना।
प्रशासन से त्वरित राहत की मांग
नगरवासियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया, तो आने वाले दिनों में स्थिति और भी विकट हो सकती है। फिलहाल, स्थानीय लोग नगर पंचायत से मांग कर रहे हैं कि प्रभावित क्षेत्रों में मशीनों के जरिए पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए और भविष्य के लिए एक ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए।
| स्थिति | प्रभाव |
|---|---|
| भारी जलभराव | आवागमन पूरी तरह ठप |
| घरों और दुकानों में पानी | भारी आर्थिक नुकसान |
| जल निकासी व्यवस्था | प्रशासन की विफलता पर आक्रोश |










