Headmaster Suicide Case: हाईकोर्ट से उप अभियंता समेत 2 को अग्रिम जमानत, झूठा फंसाने का आरोप

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बीजापुर जिले के चर्चित पालनार स्कूल प्रधानाध्यापक आत्महत्या मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए उप अभियंता शैलेश कुमार वसम और निर्माण कार्य से जुड़े छवितेश डोंगरे को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की एकल पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए आरोपियों को राहत दी है।…

बीजापुर शिक्षक आत्महत्या मामला: हाईकोर्ट से दो आरोपियों को मिली बड़ी राहत

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने बीजापुर जिले के चर्चित पालनार स्कूल प्रधानाध्यापक आत्महत्या मामले में बड़ा फैसला सुनाते हुए उप अभियंता शैलेश कुमार वसम और निर्माण कार्य से जुड़े छवितेश डोंगरे को अग्रिम जमानत प्रदान कर दी है। मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा की एकल पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए आरोपियों को राहत दी है। यह मामला बीजापुर थाने में दर्ज अपराध क्रमांक 35/2026 से जुड़ा है, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 3(5) के तहत कार्रवाई की जा रही थी।

क्या है पूरा मामला?

अभियोजन पक्ष की जानकारी के अनुसार, यह दुखद घटना 22 अप्रैल 2026 की है। पालनार स्थित सरकारी स्कूल के प्रधानाध्यापक का शव गांव के समीप एक पेड़ पर लटका पाया गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत का कारण आत्महत्या स्पष्ट हुआ था। पुलिस को जांच के दौरान एक सुसाइड नोट बरामद हुआ, जिसमें स्कूल भवन निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का जिक्र था। मृतक ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए लिखा था कि यदि भविष्य में भवन से कोई दुर्घटना होती है, तो उसका सारा दोष उस पर मढ़ दिया जाएगा, जिसके मानसिक दबाव में उसने यह कदम उठाया।

अदालत में बचाव पक्ष की दलीलें

हाईकोर्ट में बचाव पक्ष के वकीलों ने तर्क दिया कि दोनों आवेदकों को इस मामले में झूठा फंसाया गया है। उन्होंने अदालत के समक्ष स्पष्ट किया कि मृतक ने निजी मानसिक दबाव के चलते आत्महत्या का निर्णय लिया था और आरोपियों की ओर से आत्महत्या के लिए उकसाने का कोई भी प्रत्यक्ष साक्ष्य मौजूद नहीं है।

अदालत की शर्तें और आदेश

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, हाईकोर्ट ने मामले की गंभीरता को समझते हुए अग्रिम जमानत मंजूर की है। अदालत ने आरोपियों की रिहाई के लिए निम्नलिखित शर्तें निर्धारित की हैं:

  • व्यक्तिगत मुचलका: आरोपियों को व्यक्तिगत मुचलका और एक-एक जमानतदार प्रस्तुत करना होगा।
  • गवाहों को प्रभावित न करना: आरोपी किसी भी गवाह को धमकाने या प्रभावित करने का प्रयास नहीं करेंगे।
  • ट्रायल में सहयोग: मामले की सुनवाई के दौरान आरोपियों को पूर्ण सहयोग करना होगा।
  • नियमित उपस्थिति: प्रत्येक सुनवाई में अदालत में उपस्थित रहना अनिवार्य होगा।
  • अनुशासन का पालन: भविष्य में किसी भी प्रकार के आपराधिक कृत्य में शामिल न होने की शर्त रखी गई है।
विवरण जानकारी
मामला पालनार स्कूल प्रधानाध्यापक आत्महत्या प्रकरण
आरोपी शैलेश कुमार वसम (उप अभियंता) और छवितेश डोंगरे
कानूनी धाराएं भारतीय न्याय संहिता (BNS) धारा 108 एवं 3(5)
अदालत छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट (मुख्य न्यायाधीश रमेश सिन्हा)

इस आदेश के बाद अब आरोपियों को गिरफ्तारी की स्थिति में राहत मिल सकेगी, बशर्ते वे अदालत द्वारा तय की गई सभी शर्तों का कड़ाई से पालन करें।


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