Uslapur: गुड्स शेड निर्माण पर बड़ा खुलासा, जांच में सुविधाएं नदारद

बिलासपुर रेलवे माल गोदाम को बंद कर उसे उसलापुर शिफ्ट करने के निर्णय के खिलाफ दायर याचिकाओं पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। यह मामला स्थानीय मजदूर यूनियन और ट्रक मालिक संघ द्वारा दायर किया गया है, जो शिफ्टिंग प्रक्रिया में बरती जा रही अव्यवस्थाओं का विरोध कर रहे हैं। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद…

बिलासपुर माल गोदाम शिफ्टिंग मामला: हाईकोर्ट ने कलेक्टर की रिपोर्ट पर जताई चिंता

बिलासपुर रेलवे माल गोदाम को बंद कर उसे उसलापुर शिफ्ट करने के निर्णय के खिलाफ दायर याचिकाओं पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में अहम सुनवाई हुई। यह मामला स्थानीय मजदूर यूनियन और ट्रक मालिक संघ द्वारा दायर किया गया है, जो शिफ्टिंग प्रक्रिया में बरती जा रही अव्यवस्थाओं का विरोध कर रहे हैं। जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मामले की अंतिम सुनवाई के लिए 22 जुलाई की तारीख निर्धारित की है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि सभी पक्ष निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने आवश्यक दस्तावेज जमा करें।

कलेक्टर की रिपोर्ट में उजागर हुई बुनियादी सुविधाओं की कमी

हाईकोर्ट के निर्देश पर बिलासपुर कलेक्टर ने एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया था। इस टीम में नगर निगम कमिश्नर, रेलवे के सीनियर डीसीएम और पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन अभियंता (EE) शामिल थे। टीम द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट में उसलापुर स्थित नए माल गोदाम की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए हैं:

  • बुनियादी ढांचे का अभाव: नए माल गोदाम में शेड और प्रॉपर गोदाम जैसी बुनियादी संरचनाओं की भारी कमी है।
  • परिवहन समस्या: गुड्स शेड परिसर में ट्रकों की आवाजाही और उन्हें मोड़ने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है।
  • जल निकासी: बारिश के मौसम में जलभराव रोकने के लिए कोई ड्रेनेज सिस्टम नहीं बनाया गया है।
  • खराब एप्रोच रोड: गोदाम को जोड़ने वाली मुख्य सड़क अत्यंत जर्जर स्थिति में है, जिसकी तुरंत मरम्मत की आवश्यकता है।
  • मजदूरों के लिए असुविधा: मजदूरों के लिए बने आराम गृह और शौचालय वर्तमान स्थल से 1 किलोमीटर दूर हैं, जबकि उसलापुर में निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है।
  • प्लेटफॉर्म की स्थिति: प्लेटफॉर्म के जीरो लेवल पर होने के कारण लोडिंग और अनलोडिंग का कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण होगा।

कोर्ट में आमने-सामने हुए वकील और रेलवे प्रबंधन

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने गुड्स शेड की वर्तमान स्थिति को दर्शाते हुए कोर्ट में फोटोग्राफ्स पेश किए। उन्होंने आरोप लगाया कि रेलवे प्रशासन लगातार कोर्ट को गुमराह कर रहा है और बुनियादी सुविधाओं के दावे पूरी तरह से निराधार हैं। इसके विपरीत, रेलवे के कानूनी प्रतिनिधियों ने इन आरोपों को खारिज करते हुए तर्क दिया कि उसलापुर स्थित नए परिसर में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।

मामले की स्थिति पर एक नजर

विषय विवरण
अगली सुनवाई 22 जुलाई
मुख्य विवाद माल गोदाम को बिलासपुर से उसलापुर शिफ्ट करना
जांच टीम प्रमुख नगर निगम कमिश्नर
प्रमुख समस्या अधूरी सुविधाएं और खराब एप्रोच रोड

कोर्ट ने गुरुवार को एक हस्तक्षेप याचिका को भी स्वीकार कर लिया है। अब सबकी निगाहें 22 जुलाई को होने वाली अंतिम सुनवाई पर टिकी हैं, जिसमें यह तय होगा कि क्या उसलापुर में शिफ्टिंग की प्रक्रिया को हरी झंडी मिलेगी या फिर रेलवे को पहले वहां सभी मानक सुविधाएं विकसित करनी होंगी।


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