Mahatari Yojana: 1.55 लाख महिलाएं बाहर, सनी लियोनी को भी मिले पैसे

छत्तीसगढ़ सरकार की बहुप्रतीक्षित महतारी वंदन योजना को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में अब तक 1 लाख 55 हजार से अधिक महिलाओं के नाम लाभार्थियों की सूची से बाहर कर दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा की गई पात्रता की दोबारा जांच, मृत्यु की सूचना, अन्य राज्यों में स्थानांतरण और दस्तावेजों में…

छत्तीसगढ़ महतारी वंदन योजना: 1.55 लाख से अधिक महिलाओं के नाम सूची से हटाए गए, जानें ताजा अपडेट

छत्तीसगढ़ सरकार की बहुप्रतीक्षित महतारी वंदन योजना को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में अब तक 1 लाख 55 हजार से अधिक महिलाओं के नाम लाभार्थियों की सूची से बाहर कर दिए गए हैं। प्रशासन द्वारा की गई पात्रता की दोबारा जांच, मृत्यु की सूचना, अन्य राज्यों में स्थानांतरण और दस्तावेजों में विसंगतियों के चलते यह बड़ी कार्रवाई की गई है। सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि सरकारी सहायता का लाभ केवल पात्र और जरूरतमंद महिलाओं तक ही पहुंचे।

सनी लियोनी के नाम पर फर्जीवाड़े के बाद शुरू हुआ सख्त सत्यापन

इस योजना में सत्यापन की प्रक्रिया तब और तेज हुई, जब 2024 में सनी लियोनी के नाम से फर्जी आवेदन का मामला सुर्खियों में आया था। जांच में पाया गया कि जालसाजों ने फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेकर सरकारी राशि हड़पने की कोशिश की थी। इस घटना के बाद सरकार ने पूरे प्रदेश में सघन सत्यापन अभियान चलाया, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में अपात्र हितग्राहियों की पहचान हुई और उनके नाम सूची से हटा दिए गए।

जिलावार सूची: कहां से कटे सबसे ज्यादा नाम

सत्यापन अभियान के दौरान सबसे अधिक नाम राजधानी रायपुर से हटाए गए हैं। आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख जिलों की स्थिति इस प्रकार है:

  • रायपुर: 12,043
  • बिलासपुर: 8,886
  • रायगढ़: 8,870
  • महासमुंद: 8,605
  • दुर्ग: 8,124
  • जांजगीर-चांपा: 7,570
  • बलौदा बाजार: 6,773
  • जशपुर: 6,473

इसके अतिरिक्त अन्य जिलों में भी हजारों की संख्या में नाम हटाए गए हैं, जिनमें कोरबा, राजनांदगांव, धमतरी और सरगुजा जैसे जिले शामिल हैं। वहीं, दूसरी ओर बीजापुर एकमात्र ऐसा जिला रहा जहां नए पात्र आवेदकों के जुड़ने से लाभार्थियों की संख्या में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है।

पारदर्शिता के लिए सरकार का सख्त रुख

सरकार का कहना है कि इस कवायद का मुख्य उद्देश्य योजना में पूरी तरह से पारदर्शिता लाना है। जिन महिलाओं की मृत्यु हो चुकी है, जो पात्रता की शर्तों को पूरा नहीं करतीं या जिनके दस्तावेजों में गंभीर त्रुटियां पाई गई हैं, उन्हें सूची से हटाना अनिवार्य था। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी पात्र महिला का नाम गलती से सूची से हटा है, तो वे निर्धारित प्रक्रिया के तहत अपना दावा प्रस्तुत कर सकती हैं और दोबारा आवेदन कर सकती हैं।

जिलावार नाम हटने वाले हितग्राहियों का विवरण

जिलाहटाए गए नाम
कोरबा6,234
बालोद5,532
राजनांदगांव5,358
बलरामपुर5,244
धमतरी5,088
सरगुजा5,084
सारंगढ़-बिलाईगढ़5,033
बस्तर4,974
कबीरधाम4,940

सरकार के इस कदम से योजना के संचालन में निष्पक्षता आएगी और भविष्य में वास्तविक पात्र महिलाएं ही इस आर्थिक सहायता का लाभ ले सकेंगी। प्रशासन ने सभी हितग्राहियों से अपने दस्तावेज अपडेट रखने की अपील की है ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।