बीजापुर में नीट पेपर लीक और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
छत्तीसगढ़ के बीजापुर में नीट (NEET) पेपर लीक मामले और दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर हुई पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उग्र प्रदर्शन किया। बीजापुर के विधायक विक्रम मंडावी के नेतृत्व में स्वामी आत्मानंद स्कूल के सामने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला फूंका गया। कांग्रेस का आरोप है कि केंद्र सरकार न केवल शिक्षा व्यवस्था की खामियों को छिपा रही है, बल्कि शांतिपूर्ण विरोध कर रहे नागरिकों और छात्रों की आवाज को भी सत्ता के दम पर दबाने की कोशिश कर रही है। यह विरोध प्रदर्शन पूरे देश में जारी कांग्रेस के राष्ट्रव्यापी आंदोलन का हिस्सा है।
दिल्ली में प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई और हिरासत का विरोध
कांग्रेस नेताओं ने 20 और 21 जुलाई को दिल्ली में हुई घटनाओं को लोकतंत्र के लिए काला अध्याय बताया है। पार्टी के अनुसार, जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक मामले को लेकर शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस ने बल प्रयोग किया, जिसमें कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा, संसद सत्र के बाद प्रधानमंत्री आवास के निकट प्रदर्शन के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी को हिरासत में लेने की घटना पर भी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का दावा है कि इस दौरान राहुल गांधी को भी चोटें आई हैं, जो सरकार की तानाशाही को दर्शाता है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और सरकार पर गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान बीजापुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपनी मांगों को लेकर मुखर रहे। कांग्रेस की प्रमुख मांगें और आरोप निम्नलिखित हैं:
- धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा: नीट पेपर लीक मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
- लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन: दिल्ली पुलिस की कार्रवाई को कांग्रेस ने नागरिकों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करार दिया है।
- जवाबदेही की मांग: सरकार को छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए और इस पूरे मामले पर संसद में स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
- आवाज दबाने का प्रयास: कांग्रेस नेताओं का कहना है कि सरकार छात्रों के भविष्य को सुरक्षित करने के बजाय प्रदर्शनकारियों को डराने-धमकाने की नीति अपना रही है।
बीजापुर में हुए इस प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कांग्रेस नीट मुद्दे को लेकर देशभर में सरकार को घेरने की रणनीति पर काम कर रही है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता और शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
