Cyber Fraud: फेसबुक पर दोस्ती कर वकील से 47 लाख की ठगी


बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में फेसबुक के माध्यम से हुई एक बड़ी साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। दो शातिर महिलाओं ने खुद को ड्रॉपशिपिंग और फॉरेक्स ट्रेडिंग का एक्सपर्ट बताकर एक वकील को निवेश का झांसा दिया और उनसे 47.60 लाख रुपए ऐंठ लिए। पीड़ित वकील सुरेंद्र कुमार देवांगन की शिकायत पर…

बिलासपुर में साइबर ठगी: फेसबुक के जरिए वकील से 47.60 लाख की ठगी, गिरोह सक्रिय

बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र में फेसबुक के माध्यम से हुई एक बड़ी साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। दो शातिर महिलाओं ने खुद को ड्रॉपशिपिंग और फॉरेक्स ट्रेडिंग का एक्सपर्ट बताकर एक वकील को निवेश का झांसा दिया और उनसे 47.60 लाख रुपए ऐंठ लिए। पीड़ित वकील सुरेंद्र कुमार देवांगन की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस गिरोह ने इसी तरह की एक अन्य वारदात को भी अंजाम दिया है, जिसमें एक अन्य व्यक्ति से 3 लाख रुपए की ठगी की गई है।

फेसबुक से हुई पहचान और निवेश का जाल

राजकिशोर नगर के ओम टावर में रहने वाले 42 वर्षीय वकील सुरेंद्र कुमार देवांगन से 10 जून को फेसबुक पर अदिति मल्होत्रा और प्रिया शर्मा नाम की दो महिलाओं से संपर्क हुआ। बातचीत के दौरान महिलाओं ने खुद को ड्रॉपशिपिंग और फॉरेक्स ट्रेडिंग का विशेषज्ञ बताया। उन्होंने वकील को भारी मुनाफे का प्रलोभन देकर फर्जी वेबसाइटों पर ट्रेडिंग अकाउंट बनाने के लिए राजी कर लिया।

कैसे हुई पूरी धोखाधड़ी?

  • निवेश का सिलसिला: 14 से 20 जुलाई के बीच पीड़ित ने आरटीजीएस, एनईएफटी, आईएमपीएस और यूपीआई के जरिए आरोपियों द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में कुल 47 लाख 60 हजार रुपए ट्रांसफर किए।
  • अतिरिक्त वसूली का दबाव: जब पीड़ित ने अपना निवेश वापस निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने कन्वर्जन फीस, प्रोसेसिंग चार्ज और गारंटी मनी के नाम पर और पैसों की मांग की।
  • अकाउंट किया ब्लॉक: अतिरिक्त राशि देने से इनकार करने पर आरोपियों ने वकील का ट्रेडिंग अकाउंट ही ब्लॉक कर दिया, जिससे उनके पैसे फंस गए।

एक और पीड़ित का खुलासा

साइबर सेल में शिकायत दर्ज होने के बाद जांच में पता चला कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय है। इसी तरह के एक अन्य मामले में सरकंडा के इमलीभाठा निवासी मनोज कुमार कारके को भी अपना शिकार बनाया गया। आरोपियों ने उनसे भी इसी तरीके से निवेश का झांसा देकर 3 लाख रुपए की धोखाधड़ी की है।

पुलिस की कार्रवाई

सरकंडा पुलिस ने दोनों मामलों को जोड़ते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस अब आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और बैंक खातों की तकनीकी जांच कर रही है। साइबर सेल की टीम उन खातों को ट्रैक करने में जुटी है जिनमें पैसा ट्रांसफर किया गया था। पुलिस ने आम नागरिकों से सोशल मीडिया पर अनजान लोगों के साथ आर्थिक लेन-देन न करने की अपील की है।