Mungeli News: बिजली विभाग की लापरवाही से किसान की दर्दनाक मौत


छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के सरगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बिदबिदा में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में 60 वर्षीय किसान मांघी लाल राजपूत की मौत हो गई। खेत में काम के दौरान जमीन से महज 5 फीट की ऊंचाई पर झूल रहे बिजली के तार के संपर्क में आने से किसान को जोरदार…

मुंगेली: खेत में झूलते बिजली तार की चपेट में आने से किसान की मौत, विभाग पर लापरवाही का आरोप

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले के सरगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बिदबिदा में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे में 60 वर्षीय किसान मांघी लाल राजपूत की मौत हो गई। खेत में काम के दौरान जमीन से महज 5 फीट की ऊंचाई पर झूल रहे बिजली के तार के संपर्क में आने से किसान को जोरदार करंट लगा, जिससे उनकी मौके पर ही जान चली गई। घटना के बाद से आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

बार-बार शिकायतों के बावजूद अनदेखी

ग्रामीणों और पीड़ित परिवार का दावा है कि क्षेत्र में बिजली के तार काफी नीचे लटके हुए थे, जिसके संबंध में बिजली विभाग को कई बार लिखित शिकायत दी गई थी। गौ सेवा विकासखंड समिति के अध्यक्ष बृजेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने इस बाबत स्थानीय थाने और सीएम हेल्पलाइन में भी शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन विभाग ने सुध नहीं ली। ग्रामीणों के अनुसार, बिजली विभाग की इसी लापरवाही के कारण बीते समय में क्षेत्र में 12 मवेशियों की भी जान जा चुकी है, जिसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी रही।

प्रशासन की देरी पर भड़के ग्रामीण

हादसे के बाद सूचना मिलने के करीब एक घंटे तक प्रशासन की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान बृजेश शर्मा और उनकी टीम ने घटनास्थल को सुरक्षित घेरा, ताकि कोई अन्य व्यक्ति करंट की चपेट में न आए। प्रशासन के आने के बाद ही शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

ग्रामीणों की प्रमुख मांगें

  • मृतक के परिजनों को तत्काल उचित मुआवजा और आर्थिक सहायता दी जाए।
  • जिम्मेदार बिजली अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज हो।
  • पूरे क्षेत्र में झूलते बिजली तारों का सुरक्षा ऑडिट कराया जाए और उन्हें तुरंत दुरुस्त किया जाए।

फिलहाल, घटना के बाद से गांव में तनाव की स्थिति है और ग्रामीण कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और जवाबदेही तय करने की मांग पर अड़े हैं।