Celebration: डीडवाना के गणेश मंदिर में 11,111 हनुमान चालीसा का पाठ हुआ

राजस्थान के डीडवाना स्थित ऐतिहासिक श्री दोजराज गणेश मंदिर में हाल ही में धर्म और राष्ट्र जागृति के संकल्प के साथ एक भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन मंदिर में पिछले छह वर्षों से हर मंगलवार और शनिवार को आयोजित होने वाले नियमित सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ की छठी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में रखा…

डीडवाना के श्री दोजराज गणेश मंदिर में गूंजा हनुमान चालीसा का महापाठ, 11,111 बार हुआ सामूहिक पाठ

राजस्थान के डीडवाना स्थित ऐतिहासिक श्री दोजराज गणेश मंदिर में हाल ही में धर्म और राष्ट्र जागृति के संकल्प के साथ एक भव्य धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ। यह आयोजन मंदिर में पिछले छह वर्षों से हर मंगलवार और शनिवार को आयोजित होने वाले नियमित सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ की छठी वर्षगांठ के उपलक्ष्य में रखा गया था। इस विशेष अवसर पर भक्तों ने एक साथ मिलकर 11,111 बार हनुमान चालीसा का पाठ कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।

वैदिक मंत्रोच्चार और विशेष पूजन से हुआ शुभारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य यजमान नटवरलाल बांगड़ के परिवार द्वारा भगवान हनुमान के विधिवत पूजन और अभिषेक के साथ हुई। इस दौरान वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। आयोजन के मुख्य आयोजक राजेंद्र प्रसाद पटवारी ने बताया कि पिछले छह वर्षों से अनवरत चल रही इस धार्मिक श्रृंखला ने क्षेत्र में धर्म के प्रति गहरी आस्था जगाई है। कार्यक्रम में मंदिर समिति ने नटवरलाल बांगड़ परिवार और आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले सभी भामाशाहों का विशेष सम्मान किया।

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111 दीपों की भव्य महाआरती और श्रद्धालुओं का उत्साह

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में से एक 111 दीपों से की गई महाआरती रही। पंडित उमेश गौड़, गिरिराज जोशी और शरद पुरोहित जैसे विद्वान आचार्यों के मार्गदर्शन में श्रद्धालुओं ने सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ में भाग लिया। इस अनुष्ठान के बाद मंदिर के पुजारी रामावतार दाधीच ने महाआरती संपन्न कराई।

आयोजन की मुख्य विशेषताएं:

  • कुल हनुमान चालीसा पाठ: 11,111 बार सामूहिक पाठ का संकल्प।
  • विशेष सम्मान: नियमित पाठ में शामिल होने वाले बच्चों और सहयोगियों का सम्मान।
  • महाआरती: 111 दीपों के साथ भव्य समापन।
  • प्रसाद वितरण: कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।

इस धार्मिक आयोजन में डीडवाना के कई गणमान्य नागरिक और आसपास के क्षेत्रों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के अंत में नियमित पाठ में भाग लेने वाले होनहार बालक-बालिकाओं को सम्मानित किया गया, जिससे नई पीढ़ी में भी धर्म और संस्कृति के प्रति उत्साह देखने को मिला। मंदिर परिसर में देर शाम तक भक्ति गीतों और हनुमान चालीसा के जयकारों की गूंज सुनाई देती रही।