Bulldozer: सरकारी जमीन पर बने नशा तस्कर के आलीशान मकान ढहाए गए

राजस्थान के झालावाड़ जिले में प्रशासन और वन विभाग ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। मानपुरा गुजरान क्षेत्र में वन विभाग की बेशकीमती भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाए गए नशा तस्करों के मकानों को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई में सबसे चर्चित…

झालावाड़ में नशा तस्करों पर प्रशासन का कड़ा प्रहार, वन भूमि पर बने 3 करोड़ के आलीशान मकान पर चला बुलडोजर

राजस्थान के झालावाड़ जिले में प्रशासन और वन विभाग ने नशा तस्करों के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई को अंजाम दिया है। मानपुरा गुजरान क्षेत्र में वन विभाग की बेशकीमती भूमि पर अवैध कब्जा कर बनाए गए नशा तस्करों के मकानों को प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई में सबसे चर्चित हिस्सा तस्कर गिरिराज का वह आलीशान मकान रहा, जिसकी अनुमानित लागत लगभग 3 करोड़ रुपए बताई जा रही है।

अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन की सख्त चेतावनी

झालावाड़ के एसपी अमित कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि महुआखोह निवासी तस्कर कालूलाल पुत्र चंदालाल तंवर और गिरिराज पुत्र रामचंद्र तंवर ने लंबे समय से वन विभाग की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। ये दोनों आरोपी लंबे अर्से से मादक पदार्थों की तस्करी के काले कारोबार में संलिप्त थे। वन विभाग ने इन आरोपियों को पूर्व में भी कई बार नोटिस जारी किए थे, लेकिन चेतावनी को नजरअंदाज करने के बाद विभाग ने पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।

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कार्रवाई का विवरण और मुख्य बिंदु

  • अधिकारी मौजूद: उप वन संरक्षक सागर पंवार के निर्देशानुसार एसीएफ मुकेश सहजवानी, क्षेत्रीय वन अधिकारी राजेंद्र मीणा, अकलेरा डीवाईएसपी मनोज सोनी और सीआई धर्माराम भारी पुलिस बल के साथ मौके पर तैनात रहे।
  • सुरक्षा व्यवस्था: कार्रवाई के दौरान किसी भी प्रकार के व्यवधान को रोकने के लिए सुबह से ही पुलिस का भारी जाब्ता तैनात किया गया था।
  • नोटिस की अनदेखी: विभाग ने स्पष्ट किया कि कानूनी नोटिसों का पालन न करने के कारण ही इन अवैध निर्माणों को ढहाने का निर्णय लिया गया।

तस्करों का आपराधिक इतिहास

प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, दोनों तस्करों पर एनडीपीएस एक्ट के तहत गंभीर मामले दर्ज हैं। इनका विवरण नीचे दी गई तालिका में देखा जा सकता है:

तस्कर का नामदर्ज मामलेमुख्य विवरण
कालूलाल तंवर2पहला मामला 2019 में, दूसरा 2025 में (1.20 करोड़ की नशा सामग्री बरामद)।
गिरिराज तंवर2पहला मामला 2017 में (5 लाख), दूसरा 2019 में (4 लाख की नशा सामग्री बरामद)।

इस कार्रवाई से इलाके के अन्य भू-माफियाओं और नशा तस्करों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों और समाज में नशा फैलाने वाले तत्वों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।