अलवर में टाटा मोटर्स फाइनेंस के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला: 46 लाख से ज्यादा की ठगी का आरोप
राजस्थान के अलवर जिले में पुराने वाहनों के स्क्रैप कारोबार से जुड़े एक व्यवसायी के साथ बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। ‘गणपति स्क्रैप’ के संचालक अशोक कुमार ने टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड और कंपनी के आठ वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ अदालत के जरिए एफआईआर दर्ज कराई है। अरावली विहार थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है।
संजय कॉलोनी निवासी अशोक कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि वह टाटा मोटर्स फाइनेंस के अधिकृत ऑनलाइन खरीदार हैं। उन्होंने वर्ष 2023 और 2024 के बीच कंपनी द्वारा आयोजित ऑनलाइन नीलामी में हिस्सा लिया था। इस दौरान उन्होंने पांच वाहनों को खरीदने के लिए कुल 46 लाख 66 हजार 500 रुपए की भारी-भरकम राशि कंपनी के खाते में जमा कराई थी।
वाहन और दस्तावेज देने में बरती गई लापरवाही
पीड़ित व्यवसायी का आरोप है कि भुगतान के समय कंपनी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि जब्त वाहनों को कानूनी प्रक्रियाओं और आवश्यक दस्तावेजों जैसे फॉर्म-35 और 36 के साथ उनके नाम ट्रांसफर कर दिया जाएगा। हालांकि, पैसे जमा होने के बाद भी न तो वाहन उन्हें सौंपे गए और न ही कोई कानूनी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए।
- धोखाधड़ी का खुलासा: जांच में सामने आया कि जिन वाहनों के लिए अशोक कुमार ने भुगतान किया था, उनमें से कई वाहन पहले ही मूल मालिकों द्वारा छुड़ा लिए गए थे।
- सरकारी नीलामी का खेल: कुछ वाहन ऐसे भी थे जिन्हें राज्य सरकार द्वारा पहले ही राजसात (जब्त) कर नीलाम किया जा चुका था, बावजूद इसके कंपनी ने उनसे पूरी रकम वसूल ली।
- साफ इनकार: पीड़ित ने जब कई बार अपनी राशि वापस मांगी, तो 17 जून 2026 को कंपनी के अधिकारियों ने वाहन देने और पैसे लौटाने से दोटूक इनकार कर दिया।
इन आठ अधिकारियों पर दर्ज हुई एफआईआर
अदालत के निर्देश पर अरावली विहार थाना पुलिस ने टाटा मोटर्स फाइनेंस लिमिटेड के साथ-साथ कंपनी के आठ नामजद अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस की एफआईआर में निम्नलिखित अधिकारियों के नाम शामिल हैं:
नीरज धवन (मैनेजिंग डायरेक्टर), संदीप वर्मा (रीजनल मैनेजर), गौरव (जनरल कलेक्शन अधिकारी), विजय दीक्षित (रीजनल कलेक्शन हेड), मनीष रोशन (रीजनल कलेक्शन हेड), राजेश अग्रवाल (ब्रांच हेड-राजस्थान), अनिल झालाना (आरबीएम को-ऑर्डिनेटर-ऑल इंडिया) और संबंधित ब्रांच मैनेजर।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामला दर्ज कर लिया गया है। अब उपलब्ध दस्तावेजों और साक्ष्यों का बारीकी से मिलान किया जा रहा है। जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।










