Dewas: भोपाल कूच कर रहे किसानों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल

देवास में पश्चिमी रिंग रोड निर्माण के लिए की जा रही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के खिलाफ किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार को अपनी जमीनों के बदले चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ भोपाल की ओर कूच करने का ऐलान किया था। हालांकि, प्रशासन और पुलिस ने…

देवास रिंग रोड परियोजना: मुआवजे की मांग को लेकर किसानों का उग्र प्रदर्शन, पुलिस ने रोका भोपाल कूच

देवास में पश्चिमी रिंग रोड निर्माण के लिए की जा रही भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के खिलाफ किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। सोमवार को अपनी जमीनों के बदले चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ भोपाल की ओर कूच करने का ऐलान किया था। हालांकि, प्रशासन और पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए किसानों को शहर के शिप्रा चौराहे पर ही रोक दिया। इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और पुलिस को प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ा।

बरलाई जागीर में डटे किसान, प्रशासन के साथ गतिरोध जारी

शिप्रा चौराहे पर रोके जाने के बाद किसान आक्रोशित हो गए और समीपस्थ गांव बरलाई जागीर में ही धरने पर बैठ गए। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए हैं। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता और उन्हें उनकी जमीन का उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। फिलहाल, प्रशासन स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो।

परियोजना का महत्व और किसानों की प्रमुख चिंताएं

यह रिंग रोड प्रोजेक्ट इंदौर-देवास के बीच एक महत्वपूर्ण आउटर हाईवे है, जिसका उद्देश्य भारी वाहनों को शहरों के भीतर प्रवेश करने से रोकना है। इस परियोजना का मुख्य लक्ष्य 2028 के उज्जैन सिंहस्थ कुंभ मेले के दौरान यातायात को सुगम बनाना है। इस अधिग्रहण से सांवेर, देपालपुर और इंदौर के करीब 39 गांव प्रभावित हो रहे हैं। किसानों के विरोध के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • चार गुना मुआवजा: किसान भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत बाजार मूल्य का चार गुना मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
  • उपजाऊ भूमि का नुकसान: मालवा क्षेत्र की सिंचित और बहु-फसली उपजाऊ जमीनें हाईवे की भेंट चढ़ रही हैं, जिससे किसानों की आजीविका पर संकट है।
  • जबरन अधिग्रहण का विरोध: ग्रामीण इलाकों में प्रशासन की ओर से लैंड पूलिंग और जबरन जमीन अधिग्रहण की नीति का किसान पुरजोर विरोध कर रहे हैं।