झुंझुनूं में छात्रों का अनोखा प्रदर्शन: कॉकरोच बनकर जताया NTA और पेपर लीक के खिलाफ आक्रोश
राजस्थान के झुंझुनूं में सोमवार को उस समय माहौल गरमा गया जब 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्र नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली और लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों के विरोध में सड़कों पर उतर आए। कलेक्ट्रेट के बाहर हुआ यह प्रदर्शन बेहद अनोखा था, जहां छात्र हाथों में मीम्स वाली तख्तियां और कॉकरोच का प्रतीक लेकर पहुंचे। छात्रों का यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था में फैली खामियों पर करारा तंज था।
क्रिएटिव मीम्स के जरिए शिक्षा मंत्री पर निशाना
प्रदर्शन के दौरान छात्रों के हाथों में मौजूद पोस्टर और तख्तियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। छात्रों ने बेहद रचनात्मक तरीके से सिस्टम पर सवाल उठाए। एक पोस्टर में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की तस्वीर के साथ एक व्यंग्यात्मक संवाद लिखा था, जिसमें महादेव के नाम पर मंत्री से इस्तीफे की मांग की गई थी। छात्र पूरे समय “धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो” और “NTA को भंग करो” जैसे गगनभेदी नारे लगाते रहे।
टीचर और छात्रों के बीच हुई तीखी बहस
विरोध प्रदर्शन के बीच एक स्कूल की महिला टीचर वहां पहुंचीं और छात्रों से स्कूल न जाने को लेकर सवाल-जवाब करने लगीं। उन्होंने छात्रों पर झूठ बोलकर आने का आरोप लगाया, जिसका छात्रों ने कड़ा विरोध किया। छात्रों ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि ऐसी पढ़ाई का क्या मतलब, जब दिन-रात मेहनत करने के बाद भी पेपर लीक हो जाते हैं। इस बहस में SFI कार्यकर्ताओं ने हस्तक्षेप करते हुए छात्रों का समर्थन किया और इसे उनका संवैधानिक अधिकार बताया। लोगों के विरोध के बाद महिला टीचर को वहां से लौटना पड़ा।
राष्ट्रपति के नाम सौंपा मांग पत्र, प्रमुख मांगें ये रहीं:
प्रदर्शनकारी छात्रों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राष्ट्रपति और केंद्र सरकार को अपना मांग पत्र भेजा। इसमें भविष्य को लेकर तीन प्रमुख मांगें रखी गई हैं:
- शिक्षा मंत्री का इस्तीफा: परीक्षा प्रणाली में हो रही धांधली की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाया जाए।
- NTA का विघटन: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को तुरंत बंद कर एक नई, पारदर्शी और पेपर लीक मुक्त परीक्षा प्रणाली लागू की जाए।
- सोनम वांगचुक की रिहाई: पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक की रिहाई सुनिश्चित की जाए और दिल्ली में छात्रों को शांतिपूर्ण मार्च निकालने की अनुमति दी जाए।










