शहादत दिवस: एसपी विनोद चौबे समेत 29 जवानों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

राजनांदगांव: 12 जुलाई 2009 की वह काली तारीख छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक गहरे जख्म की तरह दर्ज है, जब अविभाजित राजनांदगांव जिले के मानपुर क्षेत्र में नक्सलियों ने कायराना हमला किया था। इस भीषण मुठभेड़ में तत्कालीन एसपी विनोद कुमार चौबे समेत 29 बहादुर पुलिस जवानों ने देश और प्रदेश की रक्षा करते हुए…

राजनांदगांव में शहीदों को नमन: 2009 के मदनवाड़ा नक्सली हमले के वीरों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि

राजनांदगांव: 12 जुलाई 2009 की वह काली तारीख छत्तीसगढ़ के इतिहास में एक गहरे जख्म की तरह दर्ज है, जब अविभाजित राजनांदगांव जिले के मानपुर क्षेत्र में नक्सलियों ने कायराना हमला किया था। इस भीषण मुठभेड़ में तत्कालीन एसपी विनोद कुमार चौबे समेत 29 बहादुर पुलिस जवानों ने देश और प्रदेश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। आज उनकी शहादत की बरसी पर पुलिस लाइन में आयोजित विशेष कार्यक्रम में उन वीर सपूतों को याद किया गया और उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस अवसर पर कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और स्थानीय नागरिकों ने शहीद एसपी विनोद कुमार चौबे सहित सभी 29 शहीदों के तैल चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। कोरकोट्टी, सीतागांव और मदनवाड़ा के जंगलों में घटित उस घटना को याद करते हुए हर किसी की आंखें नम हो गईं। उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि देश इन वीर जवानों के सर्वोच्च बलिदान का सदैव ऋणी रहेगा, जिन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना कर्तव्य पथ पर अडिग रहकर शहादत का मार्ग चुना।

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नक्सलवाद का अंत और शांति की राह

कार्यक्रम के दौरान शहीद एसपी विनोद चौबे की पत्नी रंजना चौबे ने अपनी भावनाओं को साझा करते हुए कहा कि यह दिन उनके परिवार के लिए गर्व और गम का मिश्रण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाली पीढ़ियां इन शहीदों के साहस से प्रेरणा लेंगी। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज प्रदेश में नक्सलवाद का प्रभाव लगभग खत्म हो चुका है, जिससे राज्य अब भय और हिंसा के साये से बाहर निकलकर विकास की नई इबारत लिख रहा है।

वहीं, कार्यक्रम में शामिल सांसद संतोष पांडे ने कहा कि वर्ष 2009 की तुलना में आज छत्तीसगढ़ की स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के दृढ़ संकल्प का ही परिणाम है कि आज प्रदेश नक्सलमुक्त हो रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शहीदों का बलिदान व्यर्थ नहीं गया, क्योंकि आज छत्तीसगढ़ शांति और समृद्धि की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहा है।

  • इतिहास के पन्ने: मदनवाड़ा नक्सली हमले में शहीद हुए 29 जवानों की वीरता आज भी पुलिस महकमे के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
  • बदलता छत्तीसगढ़: राज्य सरकार की नीतियों के चलते नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में अब विकास कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं।
  • श्रद्धांजलि सभा: प्रतिवर्ष की भांति इस बार भी पुलिस लाइन में शहीद जवानों की स्मृति में विशेष आयोजन किया गया।