छत्तीसगढ़ में फिर सक्रिय होगा मानसून, 13 जुलाई से बारिश के आसार
छत्तीसगढ़ में मानसून की सुस्त पड़ती रफ्तार ने अब फिर से गति पकड़ने के संकेत दिए हैं। राज्य में मानसून के शुरुआती दौर के बाद पिछले कुछ दिनों से बारिश में कमी देखी गई थी, जिसके कारण तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक हुई कुल वर्षा सामान्य से 21 प्रतिशत कम है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों ने राहत की खबर देते हुए बताया है कि 13 जुलाई से प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में एक बार फिर तेजी आने की प्रबल संभावना है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से निजात मिल सकेगी।
अगले 5 दिनों के पूर्वानुमान पर नजर डालें तो उत्तरी छत्तीसगढ़ के कई क्षेत्रों में मध्यम स्तर की बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। पिछले 24 घंटों के दौरान सरगुजा और बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम वर्षा दर्ज की गई है। फिलहाल दुर्ग में अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर का पारा 23.8 डिग्री सेल्सियस तक रहा। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही के साथ ही वर्षा के क्षेत्र में विस्तार होने की उम्मीद है।
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रायपुर का मौसम और तापमान
राजधानी रायपुर के मौसम की बात करें तो आज आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने शहर के कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा होने का पूर्वानुमान जताया है। आज अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है।
बारिश के लिए जिम्मेदार मौसम प्रणालियां
मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में दो प्रमुख मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम बिहार और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी 3.1 से 4.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती घेरा सक्रिय है। इन प्रणालियों के प्रभाव से नमी युक्त हवाएं प्रदेश में पहुंच रही हैं, जिससे आगामी दिनों में बारिश की स्थितियों में सुधार होगा।
पिछले 24 घंटों में हुई प्रमुख वर्षा (सेमी में)
- डौरा कोचली: 4 सेमी
- बलरामपुर, कुनकुरी, जशपुरनगर, वाड्राफनगर, दुलदुला और शंकरगढ़: 3-3 सेमी
- चलगली, सन्ना, रामानुजनगर, कुसमी और प्रतापपुर: 2-2 सेमी
- ओडगी, भैयाथान, छिंदगढ़, कांसाबेल, बगीचा, मनोरा, उदयपुर, सूरजपुर, राजपुर, चांदो, कापू और बागबहार: 1-1 सेमी




