Roadways: नियमों की अनदेखी पर जज सख्त, यात्रियों को मुआवजा देने का आदेश

जोधपुर महानगर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायाधीशों ने शनिवार को रोडवेज डिपो पर एक औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान वहां नियमों को ताक पर रखकर संचालित की जा रही एक रोडवेज स्लीपर बस पकड़ी गई। बस की जांच में सुरक्षा के गंभीर अभाव पाए गए, जिसके बाद आरटीओ और डीटीओ की टीम…

जोधपुर: रोडवेज डिपो पर जजों का औचक निरीक्षण, सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर स्लीपर बस सीज

जोधपुर महानगर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के न्यायाधीशों ने शनिवार को रोडवेज डिपो पर एक औचक निरीक्षण अभियान चलाया। इस दौरान वहां नियमों को ताक पर रखकर संचालित की जा रही एक रोडवेज स्लीपर बस पकड़ी गई। बस की जांच में सुरक्षा के गंभीर अभाव पाए गए, जिसके बाद आरटीओ और डीटीओ की टीम ने मौके पर ही बस को सीज कर दिया।

जांच के दौरान यह चौंकाने वाला तथ्य सामने आया कि दिल्ली जाने वाली इस स्लीपर बस में न तो पीछे की तरफ कोई आपातकालीन द्वार (इमरजेंसी एग्जिट) मौजूद था और न ही छत पर निकास के लिए रूफ हैच की व्यवस्था थी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव-न्यायाधीश राकेश रामावत ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि सरकार खुद नियमों की पालना का निर्देश देती है, लेकिन सरकारी तंत्र ही मानकों की अनदेखी कर रहा है। यह अभियान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष दिनेश त्यागी और पूरण कुमार शर्मा के निर्देशन में चलाया गया।

सरकारी बसों में सुरक्षा मानकों का अभाव

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर के सचिव जस्टिस डॉ. मनीष हरजाई ने स्पष्ट किया कि कानून सभी के लिए समान है, चाहे वह सरकारी उपक्रम हो या निजी। उन्होंने कहा कि निरीक्षण में रोडवेज की बसों में भी अनियमितताएं पाई गई हैं। जब सरकार आम जनता से नियमों के पालन की अपेक्षा करती है, तो उसे स्वयं भी एक उदाहरण पेश करना चाहिए।

यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सलाह और अधिकार

जस्टिस डॉ. मनीष हरजाई ने यात्रियों को अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बस में सवार होने से पहले यात्रियों को सुरक्षा उपकरणों की जांच करनी चाहिए।

  • सुरक्षा जांच: यात्रा से पहले इमरजेंसी विंडो, एग्जिट, रूफ हैच और अग्निशमन यंत्र की मौजूदगी सुनिश्चित करें।
  • अधिकार: यदि बस में सुरक्षा के इंतजाम नहीं हैं, तो उसमें यात्रा करने से बचें और इसकी शिकायत दर्ज कराएं।
  • मुआवजा: किसी भी तरह की असुविधा होने पर यात्री मुआवजे और राहत के लिए ‘स्थायी लोक अदालत’ में याचिका दायर कर सकते हैं।

प्राधिकरण के अनुसार, स्थायी लोक अदालत की प्रक्रिया बेहद सरल है और इसके लिए किसी जटिल कानूनी रास्ते की आवश्यकता नहीं होती। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ऐसे यात्रियों की मदद के लिए सदैव तत्पर है।

सुरक्षा मानकों का तुलनात्मक विवरण

सुरक्षा मानकमौजूदगी की स्थिति
इमरजेंसी एग्जिट (पीछे का द्वार)अनुपस्थित
रूफ हैच (छत का निकास)अनुपस्थित
अग्निशमन यंत्रजांच के दायरे में

हाल ही में जोधपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा अवैध और मॉडिफाइड बसों के खिलाफ एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया गया है, जिसमें एक ही नंबर की दो बसें चलने और चेसिस के साथ छेड़छाड़ जैसे गंभीर मामले भी सामने आए हैं। प्राधिकरण का यह अभियान यात्रियों की जान सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।