सीहोर में फिर सक्रिय होगा मानसून, झमाझम बारिश से मिलेगी उमस भरी गर्मी से राहत
सीहोर जिले के निवासियों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले करीब दस दिनों से जारी उमस भरी गर्मी और सूखे जैसे हालात के बाद अब मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने जिले में मानसून के एक बार फिर सक्रिय होने का पूर्वानुमान जारी किया है। विभाग के मुताबिक, आगामी 19 जुलाई से जिले में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला शुरू होगा, जो आगे चलकर तेज बारिश में तब्दील हो सकता है।
10 दिन के लंबे अंतराल के बाद मानसून की वापसी
जिले में मानसून की गतिविधियां पिछले 10 दिनों से काफी कमजोर पड़ गई थीं। इससे पहले हुई भारी बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर थे, लेकिन लंबे समय तक बारिश न होने से खेतों में नमी कम होने लगी थी और किसानों की चिंताएं बढ़ गई थीं। अब मानसून के दोबारा सक्रिय होने से न केवल आमजन को गर्मी से राहत मिलेगी, बल्कि कृषि कार्यों और गिरते जलस्तर में भी सुधार की प्रबल संभावना है।
19 से 23 जुलाई तक बारिश का अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 19 जुलाई से मौसम में बदलाव की शुरुआत होगी। इसके बाद 20 से 23 जुलाई के बीच सीहोर जिले के विभिन्न हिस्सों में झमाझम और मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। यह बारिश खरीफ की फसलों के लिए संजीवनी का काम करेगी, जिसका किसान लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।
सीहोर जिले में बारिश का सांख्यिकीय विवरण
सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो इस साल मानसून की रफ्तार पिछले साल की तुलना में थोड़ी धीमी रही है। 18 जुलाई तक की स्थिति के अनुसार जिले में बारिश का ब्यौरा नीचे दी गई तालिका में है:
| क्षेत्र | दर्ज बारिश (इंच में) |
|---|---|
| आष्टा | 19.29 |
| जावर | 16.89 |
| भैरूंदा | 15.31 |
| इछावर | 14.69 |
| रेहटी | 13.67 |
| सीहोर (मुख्यालय) | 12.94 |
| बुधनी | 11.44 |
| श्यामापुर | 7.73 |
पिछले साल के मुकाबले कम बारिश
आंकड़े बताते हैं कि 1 जून से अब तक जिले में कुल औसत वर्षा 13.97 इंच दर्ज की गई है। वहीं, पिछले वर्ष इसी अवधि के दौरान जिले में 17.51 इंच औसत बारिश दर्ज की गई थी। इस प्रकार, इस वर्ष पिछले साल की तुलना में अब तक लगभग 3.54 इंच कम बारिश हुई है। 18 जुलाई को जिले का मौसम पूरी तरह शुष्क रहा और कहीं भी बारिश दर्ज नहीं की गई।
किसानों के लिए महत्वपूर्ण है आगामी बारिश
- लंबे समय तक बारिश न होने से फसलों को लेकर किसान चिंतित थे।
- आगामी मानसूनी बारिश कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
- बारिश होने से जल स्रोतों का स्तर बढ़ने और खेतों में पर्याप्त नमी होने की उम्मीद है।
- मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
कुल मिलाकर, सीहोर के किसानों और निवासियों के लिए आने वाले चार दिन बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। विभाग का अनुमान यदि सही साबित होता है, तो जिले में बारिश की कमी को पूरा करने में बड़ी मदद मिलेगी।










