टोंक में गणेश महोत्सव को लेकर विवाद: महंत कैलाशपुरी ने श्रीआनंदम संस्था पर लगाए गंभीर आरोप
टोंक के प्रसिद्ध श्रीअन्नपूर्णा गणेशजी और बालाजी प्रन्यास समिति के संरक्षक महंत कैलाशपुरी ने श्रीआनंदम संस्था पर पिछले वर्ष हुए लिखित समझौते की शर्तों का उल्लंघन करने का गंभीर आरोप लगाया है। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महंत ने स्पष्ट किया कि 3 अगस्त 2025 को हुए आधिकारिक समझौते के तहत इस वर्ष गणेश महोत्सव का संचालन पूरी तरह से प्रन्यास समिति के हाथों में होना था, लेकिन संस्था द्वारा की जा रही तैयारियां इस समझौते का सीधा उल्लंघन हैं।
समझौते की अनदेखी और चाबियों का विवाद
महंत कैलाशपुरी ने बताया कि पिछले साल हुए लिखित समझौते में मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए गए थे। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर आपत्ति जताई है:
- संचालन का अधिकार: समझौते के अनुसार, इस वर्ष के गणेश महोत्सव के सभी कार्यक्रमों का आयोजन और संचालन केवल श्रीअन्नपूर्णा गणेशजी, बालाजी प्रन्यास समिति द्वारा किया जाना था।
- चाबियों का हस्तांतरण: मंदिर परिसर में स्थित भोजनशाला, संत आश्रम गृह और विश्राम गृह की चाबियां महंत कैलाशपुरी को सौंपी जानी थीं, जो अभी तक उन्हें प्राप्त नहीं हुई हैं।
- डेकोरेशन का काम: मंदिर की पहाड़ी से लेकर नीचे लिंक रोड तक की सजावट का कार्य भी प्रन्यास समिति के अधीन तय किया गया था।
समझौते के खिलाफ संस्था की गतिविधियां
महंत ने आरोप लगाया कि श्रीआनंदम संस्था समझौते की शर्तों को दरकिनार कर फिर से महोत्सव की तैयारियों में जुटी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि समझौते में यह प्रावधान था कि यदि प्रन्यास समिति चाहे, तो ही संस्था का सहयोग लिया जा सकता है, जिसके लिए उन्हें तीन महीने पहले सूचित करना आवश्यक था। इसके अलावा, उन्होंने चंदे की राशि को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि संस्था द्वारा काटी जाने वाली रसीदों का हिसाब-किताब पूरी तरह से पारदर्शी नहीं है।
आरोपों पर प्रन्यास समिति का पक्ष
इस पूरे मामले पर श्रीअन्नपूर्णा गणेश मंदिर, बालाजी प्रन्यास के मीडिया प्रभारी प्रेम रघुवंशी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने महंत कैलाशपुरी पर लगाए जा रहे संपत्ति हड़पने के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।
| विषय | विवरण |
|---|---|
| महंत की सेवा | यह मंदिर सेवा की 16वीं पीढ़ी है। |
| आरोपों की प्रकृति | प्रेम रघुवंशी ने इन्हें बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताया। |
| चुनौती | संस्था से सबूत सार्वजनिक करने की मांग की गई। |
मीडिया प्रभारी ने कहा कि यदि संस्था के पास महंत पर लगाए गए आरोपों का कोई भी ठोस सबूत है, तो उसे टोंक की जनता के सामने लाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो व्यक्ति स्वयं पीढ़ी दर पीढ़ी मंदिर की सेवा कर रहा हो, वह मंदिर की संपत्ति को नुकसान नहीं पहुँचा सकता।










