निवाड़ी के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में नशा मुक्ति को लेकर विशेष जागरूकता अभियान
मध्य प्रदेश के निवाड़ी स्थित प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस (शासकीय महाविद्यालय) में नशा मुक्त समाज के निर्माण के उद्देश्य से एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ‘नशे से दूरी है जरूरी’ थीम पर आधारित इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और समाज को नशे की कुरीति से मुक्त करने का संकल्प लिया।
नशा समाज के लिए एक अभिशाप: डॉ. एम.एन. खान
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम.एन. खान के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने नशे के घातक परिणामों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को खोखला करता है, बल्कि यह पूरे परिवार और समाज के लिए एक गंभीर संकट है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी देश का भविष्य है, इसलिए उन्हें नशे की लत से दूर रहकर सकारात्मक और अनुशासित जीवन शैली अपनानी चाहिए।
छात्रों ने ली नशा न करने की शपथ
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. नीलम सिंह ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति सचेत किया। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे न केवल स्वयं नशे से दूर रहें, बल्कि अपने आस-पास के वातावरण, परिवार और मित्रों को भी इसके प्रति जागरूक करें। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने निम्नलिखित शपथ ली:
- स्वयं नशा न करने और जीवन में स्वस्थ आदतों को अपनाने का संकल्प।
- समाज में नशा मुक्ति का संदेश फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाना।
- एक जिम्मेदार और अनुशासित नागरिक के रूप में राष्ट्र निर्माण में योगदान देना।
कार्यक्रम में इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस जागरूकता कार्यक्रम का सफल संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के अधिकारी डॉ. जितेंद्र आरोलिया द्वारा किया गया। कार्यक्रम में महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापक और अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की मुख्य झलकियां निम्नलिखित हैं:
| प्रमुख अतिथि/अधिकारी | पद/भूमिका |
|---|---|
| डॉ. एम.एन. खान | प्राचार्य, प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस |
| डॉ. नीलम सिंह | कार्यक्रम अधिकारी (NSS) |
| डॉ. जितेंद्र आरोलिया | संचालक एवं कार्यक्रम अधिकारी |
| अन्य उपस्थित | डॉ. जे.आर. अहिरवार, संतोष रजक (जिला समन्वयक), डॉ. वीरेंद्र खरे एवं रंजना पटेरिया |
कार्यक्रम के अंत में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ एक नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपना पूर्ण सहयोग देने का वादा किया। महाविद्यालय प्रशासन द्वारा समय-समय पर इस तरह के जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने का उद्देश्य युवाओं को सही दिशा प्रदान करना है।










