रायगढ़ में हाथियों का आतंक: फसलों और घरों को बनाया निशाना, ग्रामीणों में दहशत
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ वन मंडल में इन दिनों हाथियों का उत्पात चरम पर है। रात के अंधेरे में जंगल से निकलकर जंगली हाथियों के झुंड रिहायशी इलाकों में धमक रहे हैं। बीती रात हाथियों ने अलग-अलग रेंजों में जमकर तांडव मचाया, जिससे स्थानीय किसानों की धान की फसलें तबाह हो गईं और कई कच्चे मकानों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। हाथियों ने सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले पंप और पाइपों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया है। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची है और नुकसान का आकलन करने में जुट गई है।
किसानों की मेहनत पर फिरा पानी
मिली जानकारी के अनुसार, धरमजयगढ़ रेंज के गेरसा सागरपुर इलाके में करीब 18 हाथियों का झुंड जंगल से भटककर बस्ती के करीब पहुंच गया। हाथियों ने बिरेंद्र, संजीत, पुरसून, लक्ष्मी और रामरा जैसे किसानों के खेतों में लगी धान की फसल को पूरी तरह रौंद दिया। ग्रामीणों ने जब हाथियों को खदेड़ने का प्रयास किया, तो वे काफी देर तक वहीं डटे रहे, जिससे लोगों में डर का माहौल बना रहा।
इसके अलावा, गेरसा गांव में बारिश राम की फसल को नुकसान पहुंचा, वहीं नरकालो गांव में दलबीर सिंह और दिलीप सिंह की धान की फसलें भी हाथियों ने नष्ट कर दीं। कापू रेंज के सोनाजोरी गांव में तो हाथियों ने हद ही कर दी, जहां जोसेफ टोप्पो के मकान को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस दौरान घर की बाउंड्रीवाल, साइकिल और घर में रखे अनाज को भी भारी नुकसान हुआ है।
वन मंडल में 106 हाथियों की मौजूदगी
वन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में धरमजयगढ़ वन मंडल के विभिन्न क्षेत्रों में कुल 106 हाथी विचरण कर रहे हैं। विभाग ने रेंज के अनुसार हाथियों की स्थिति का ब्यौरा जारी किया है:
| क्षेत्र/रेंज | हाथियों की संख्या |
|---|---|
| धरमजयगढ़ (गेरसा) | 18 |
| बोरो रेंज (खम्हार उत्तर) | 16 |
| कापू (कमरई बीट) | 16 |
| अन्य रेंजों में (छाल, बाकारूमा आदि) | 56 (छिटपुट समूह) |
इन 106 हाथियों में 36 नर, 47 मादा और 23 शावक शामिल हैं। वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्क रहने और हाथियों के करीब न जाने की सलाह दी है। हालांकि, हाथियों की लगातार बढ़ती संख्या और बस्तियों की ओर उनका रुख ग्रामीणों के लिए बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है।










