Recovery: ग्वालियर में टैक्स वसूली में सुस्ती पर उपयंत्रियों का वेतन रोका

ग्वालियर नगर निगम में जलकर वसूली की धीमी रफ्तार अब अधिकारियों पर भारी पड़ने वाली है। निगमायुक्त संघ प्रिय ने राजस्व वसूली को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि लक्ष्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिन उपयंत्रियों ने…

ग्वालियर नगर निगम: जलकर वसूली में सुस्ती पर निगमायुक्त सख्त, अधिकारियों के वेतन पर रोक

ग्वालियर नगर निगम में जलकर वसूली की धीमी रफ्तार अब अधिकारियों पर भारी पड़ने वाली है। निगमायुक्त संघ प्रिय ने राजस्व वसूली को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट किया है कि लक्ष्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि जिन उपयंत्रियों ने तिमाही लक्ष्य का 75 प्रतिशत से कम जलकर वसूला है, उनके वेतन आहरण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी जाए।

राजस्व लक्ष्य और विभागीय कार्रवाई

समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया कि 15 जुलाई तक निगम के खाते में केवल 8 करोड़ 21 लाख रुपए ही जलकर के रूप में जमा हुए हैं, जो निर्धारित लक्ष्य की तुलना में काफी कम है। निगमायुक्त ने सहायक यंत्रियों को चेतावनी दी है कि यदि उनके अधीन आने वाले तीन या उससे अधिक वार्डों में वसूली का आंकड़ा 75 प्रतिशत से नीचे रहता है, तो उन्हें अनिवार्य रूप से कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा।

कार्रवाई का प्रकारविवरण
वेतन पर रोक75% से कम वसूली करने वाले उपयंत्री
नोटिस जारी3+ वार्डों में लक्ष्य पूरा न करने वाले सहायक यंत्री
निलंबन की चेतावनीसीवरेज और कार्य में लापरवाही बरतने वाले

बिल वितरण और संसाधनों की कमी पर समाधान

बैठक में उपयंत्रियों ने बिलों की छपाई में देरी को वसूली प्रभावित होने का प्रमुख कारण बताया। इस पर निगमायुक्त ने कार्यपालन यंत्रियों को निर्देश दिए हैं कि वे विभागीय स्तर पर प्रिंटर और कागज की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें। साथ ही, जहां कर्मचारियों की कमी है, वहां तत्काल अतिरिक्त स्टाफ तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि डोर-टू-डोर बिल वितरण में कोई बाधा न आए।

सीवरेज शिकायतों और अवैध कनेक्शनों पर प्रहार

निगमायुक्त ने सीवरेज व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बार-बार सीवर जाम होने वाले क्षेत्रों में स्थायी समाधान के लिए तत्काल प्रस्ताव तैयार किए जाएं। काम में कोताही बरतने वाले उपयंत्री शिवेंद्र सिंह जादौन को नोटिस देने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही निगम ने निम्नलिखित कदम उठाने के आदेश दिए हैं:

  • अवैध जल कनेक्शनों को चिन्हित कर उन्हें तत्काल प्रभाव से काटना।
  • नए नल कनेक्शन की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाना।
  • बंद पड़े नलकूपों की सूची बनाना और उनके बिजली कनेक्शन हटाना।

निगमायुक्त संघ प्रिय ने अंत में दो टूक शब्दों में कहा कि राजस्व बढ़ाने और आम जनता को सुचारू जल एवं सीवरेज सेवाएं प्रदान करने में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारी अब मिशन मोड पर काम करें और पिछले वर्षों के बकाया राजस्व की वसूली के लिए विशेष अभियान चलाएं।