सिवनी में बारिश का लंबा अंतराल, धान की रोपाई पर मंडराया संकट
मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में पिछले करीब एक सप्ताह से बारिश का दौर थम जाने से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मानसून की शुरुआत में हुई अच्छी बारिश के बाद जिले में धान की रोपाई का काम जोर-शोर से शुरू हुआ था, लेकिन अब खेतों में पानी की कमी ने इस रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। बारिश न होने के कारण खेतों में नमी तेजी से कम हो रही है, जिससे रोपाई का कार्य कई स्थानों पर पूरी तरह से रुक गया है। वहीं, लगातार खिले धूप के कारण उमस और भीषण गर्मी ने आम जनजीवन को भी बुरी तरह प्रभावित किया है।
25 प्रतिशत रोपाई के बाद थमा काम
जिले में पिछले पखवाड़े हुई संतोषजनक बारिश के चलते खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो गया था, जिससे लगभग 25 प्रतिशत किसानों ने धान की रोपाई का कार्य पूरा कर लिया था। हालांकि, बीते छह दिनों से बारिश नदारद है। स्थानीय किसान लकी राय, हर्षवर्धन बघेल और प्रहलाद यादव ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि धान की फसल के लिए खेतों में पानी का निरंतर भराव अनिवार्य है। यदि जल्द ही इंद्रदेव मेहरबान नहीं हुए, तो न केवल पौधों की बढ़वार रुक जाएगी, बल्कि खेतों को दोबारा तैयार करने में किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी पड़ेगा।
- रोपाई की स्थिति: अब तक लगभग 25% कार्य संपन्न।
- मुख्य समस्या: खेतों में नमी का अभाव और पानी की कमी।
- प्रभाव: रोपाई में देरी से फसल उत्पादन पर सीधा असर।
- आर्थिक बोझ: दोबारा खेत तैयार करने के कारण लागत में बढ़ोतरी की आशंका।
जुलाई की बारिश: धान की फसल के लिए जीवनरेखा
मौसम विभाग के आंकड़ों और कृषि विशेषज्ञों के अनुसार, जुलाई का महीना धान की खेती के लिए सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दौरान होने वाली बारिश फसल की जड़ों को मजबूती देती है। बुधवार को जिले के अधिकांश क्षेत्रों में सूखे की स्थिति बनी रही, वहीं गुरुवार की सुबह भी तेज धूप के साथ उमस का प्रकोप जारी रहा। वातावरण में बढ़ती गर्मी के कारण लोग खासे परेशान हैं। किसानों का मानना है कि यदि मानसून में इसी तरह लंबा अंतराल बना रहा, तो इस बार धान की पैदावार में भारी गिरावट देखने को मिल सकती है।
मानसून के दोबारा सक्रिय होने की उम्मीद
वर्तमान में जिले के किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं और मानसून के दोबारा सक्रिय होने की प्रार्थना कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों ने भी सलाह दी है कि यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है, तो रुकी हुई रोपाई को फिर से गति दी जा सकेगी और फसल को सूखने से बचाया जा सकेगा। फिलहाल, पूरा जिला अच्छी बारिश के इंतजार में है ताकि धान की खेती को किसी बड़े नुकसान से बचाया जा सके।










