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राजस्थान के सीमावर्ती जिलों में आयकर विभाग का बड़ा प्रहार: 150 करोड़ के संदिग्ध सौदों का पर्दाफाश
राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में इन दिनों अवैध फंडिंग, बेनामी संपत्तियों और काले धन के लेन-देन को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सीमावर्ती जिलों में संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई के निर्देशों के बाद, आयकर विभाग की ‘इंटेलिजेंस एंड क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन’ (ICI) विंग ने एक बड़ी छापेमारी को अंजाम दिया है। श्रीगंगानगर और जैसलमेर के रजिस्ट्रार कार्यालयों में हुई इस कार्रवाई में करीब 150 करोड़ रुपए से अधिक के संदिग्ध भूमि सौदों का रिकॉर्ड जब्त किया गया है।
गौरतलब है कि 26 मई को बीकानेर दौरे के दौरान गृह मंत्री ने सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध निर्माण और संदिग्ध फंडिंग के खिलाफ कड़े कदम उठाने के आदेश दिए थे। इसी के चलते अब श्रीगंगानगर, जैसलमेर, बाड़मेर और बीकानेर आयकर विभाग के रडार पर हैं।
श्रीगंगानगर में दो साल का रिकॉर्ड खंगाल रही टीम
जयपुर से पहुंची 9 सदस्यीय विशेष टीम ने श्रीगंगानगर के सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में डेरा डाल दिया है। टीम ने 1 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2026 तक की सभी महत्वपूर्ण रजिस्ट्रियों को अपने कब्जे में ले लिया है। इससे पहले अनूपगढ़ में हुई जांच के दौरान 75 करोड़ रुपए की गड़बड़ियां सामने आई थीं, जिसके बाद इस जांच का दायरा पूरे जिले में बढ़ा दिया गया है।
जैसलमेर: पैन कार्ड गायब, नकद में करोड़ों का खेल
जैसलमेर में आयकर विभाग की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अधिकारियों ने 170 संदिग्ध फाइलों की सूची तैयार की है। जांच में पाया गया कि कई महंगी जमीनों की रजिस्ट्रियों में खरीदार का PAN कार्ड तक दर्ज नहीं था और 2 लाख से 50 लाख तक के भुगतान बैंक के बजाय सीधे नकद में किए गए थे। यहां करीब 80 करोड़ रुपए से अधिक के संदिग्ध लेन-देन की आशंका जताई जा रही है।
आयकर विभाग का आगामी एक्शन प्लान
आयकर विभाग ने इस पूरे मामले को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है, जिसे निम्न बिंदुओं से समझा जा सकता है:
- डीआईजी स्टाम्प से समन्वय: विभाग सभी रजिस्ट्रियों का विस्तृत ब्यौरा जुटाने के लिए डीआईजी स्टाम्प को पत्र लिखेगा ताकि फाइलों की मूल प्रतियां हासिल की जा सकें।
- 2 लाख से अधिक के कैश ट्रांजेक्शन पर नजर: आयकर नियमों के तहत 2 लाख से अधिक के नकद लेनदेन पर सख्ती बरती जाएगी। जिन मामलों में पैन कार्ड या अन्य आवश्यक दस्तावेज नहीं हैं, उन्हें ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किए जाएंगे।
- भारी जुर्माने का प्रावधान: यदि जांच में वित्तीय अनियमितता साबित होती है, तो संबंधित व्यक्तियों को 70% टैक्स, 10% पेनल्टी और रजिस्ट्री की तारीख से लेकर अब तक का ब्याज चुकाना होगा।
सीमा सुरक्षा और विदेशी फंडिंग का एंगल
पाकिस्तान सीमा से सटे इन चार जिलों में हाल के दिनों में जमीन की कीमतों में आई बेतहाशा उछाल ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। ऐसी आशंका है कि इन क्षेत्रों में संदिग्ध स्रोतों और विदेशी निवेश के जरिए काला धन खपाया जा रहा है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। गृह मंत्रालय के निर्देशों के बाद अब बाड़मेर और बीकानेर के साथ ही श्रीगंगानगर और जैसलमेर में भी निगरानी बढ़ा दी गई है।
| जिला | संदिग्ध लेनदेन का अनुमान | मुख्य अनियमितता |
|---|---|---|
| श्रीगंगानगर | 75 करोड़+ | दस्तावेजों में गंभीर वित्तीय गड़बड़ी |
| जैसलमेर | 80 करोड़+ | पैन कार्ड का अभाव और नकद भुगतान |










