Jagannath रथयात्रा: टीकमगढ़ में कल से शुरू होगा दो दिवसीय उत्सव

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में श्रद्धा और भक्ति का महाकुंभ माने जाने वाली भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा का बिगुल बज चुका है। इस साल यह धार्मिक आयोजन 16 और 17 जुलाई को पूरे हर्षोल्लास के साथ संपन्न होगा। भटनागर कॉलोनी स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर यह रथयात्रा मां राज राजेश्वरी हवेली तक…

टीकमगढ़ रथयात्रा

टीकमगढ़ में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा: 16 और 17 जुलाई को गूंजेंगे जयकारे

मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में श्रद्धा और भक्ति का महाकुंभ माने जाने वाली भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा का बिगुल बज चुका है। इस साल यह धार्मिक आयोजन 16 और 17 जुलाई को पूरे हर्षोल्लास के साथ संपन्न होगा। भटनागर कॉलोनी स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर यह रथयात्रा मां राज राजेश्वरी हवेली तक जाएगी। आयोजकों ने इस भव्य उत्सव को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं, जिससे श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

वैदिक परंपराओं के साथ भव्य शुरुआत

आयोजन समिति ने स्पष्ट किया है कि पूरी यात्रा वैदिक रीति-रिवाजों और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के साथ निकाली जाएगी। 16 जुलाई को रथयात्रा का शुभारंभ जगन्नाथ मंदिर से होगा। यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी, जिसका विवरण नीचे दी गई तालिका में है:

दिनप्रमुख मार्ग
16 जुलाईअस्पताल चौराहा, सिंधी धर्मशाला, नजरबाग, गांधी चौराहा, पापोरा चौराहा और ताल दरवाजा।
17 जुलाईपुराना नगरपालिका, कटरा बाजार, जवाहर चौक, नजराई मंडी, लुकमान चौराहा और एकता कॉलोनी।

राज राजेश्वरी हवेली में होगा प्रभु का रात्रि विश्राम

यात्रा के पहले दिन, 16 जुलाई की शाम करीब 6 बजे रथयात्रा श्री राज राजेश्वरी हवेली (गुड़िचा भवन) पहुंचेगी। यहाँ भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। प्रभु के दर्शन के लिए हवेली परिसर में विशेष व्यवस्था की गई है, जहाँ वे रात्रि विश्राम करेंगे। इस दौरान मंदिर प्रांगण में कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा, जो श्रद्धालुओं को भक्ति के सागर में सराबोर करेंगे।

दूसरे दिन मुख्य मार्गों से वापसी

अगले दिन यानी 17 जुलाई को रथयात्रा पुनः हवेली से प्रस्थान करेगी। शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए यह यात्रा वापस जगन्नाथ मंदिर पहुंचेगी। इसी के साथ दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का समापन होगा। आयोजकों का मानना है कि इस बार श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड संख्या जुटने की संभावना है।

समिति ने की अनुशासन की अपील

आयोजन समिति के व्यवस्थापक डॉ. आदित्य भटनागर ने नगर के नागरिकों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों से इस पावन पर्व में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आग्रह किया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की है कि:

  • यात्रा के दौरान पूर्ण अनुशासन बनाए रखें।
  • आपसी सौहार्द और भाईचारे के साथ भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करें।
  • भीड़भाड़ वाले इलाकों में बुजुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखें।

टीकमगढ़ की यह रथयात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह शहर की एकता और संस्कृति को भी प्रदर्शित करती है। प्रशासन और समिति मिलकर इस आयोजन को सुरक्षित और सफल बनाने के लिए पूरी तरह मुस्तैद हैं।