Investigation: सूरजपुर के गुरुकुल पैरामेडिकल कॉलेज में फीस घोटाला, जांच शुरू

सूरजपुर जिले के तिलसिंवा इलाके में स्थित गुरुकुल पैरामेडिकल संस्थान इन दिनों विवादों के घेरे में है। संस्थान पर आरोप है कि छात्रों से मोटी फीस वसूलने के बाद भी समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं की गईं। इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच के आदेश…

सूरजपुर: गुरुकुल पैरामेडिकल संस्थान पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप, प्रशासन ने शुरू की जांच

सूरजपुर जिले के तिलसिंवा इलाके में स्थित गुरुकुल पैरामेडिकल संस्थान इन दिनों विवादों के घेरे में है। संस्थान पर आरोप है कि छात्रों से मोटी फीस वसूलने के बाद भी समय पर परीक्षाएं आयोजित नहीं की गईं। इस गंभीर मामले के सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जांच के आदेश दे दिए हैं। कलेक्टर के कड़े निर्देशों के बाद स्वास्थ्य विभाग की एक तीन सदस्यीय टीम ने संस्थान पहुंचकर मामले की गहन पड़ताल शुरू कर दी है।

छात्रों का कहना है कि उन्होंने पैरामेडिकल कोर्स के लिए संस्थान में दाखिला लिया था, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद परीक्षाएं नहीं ली गईं। स्थिति तब और बिगड़ गई जब संस्थान का संचालन अचानक बंद कर दिया गया, जिससे दर्जनों छात्रों का शैक्षणिक भविष्य अधर में लटक गया है। छात्रों ने बताया कि उन्होंने कई बार स्थानीय प्रशासन से गुहार लगाई, लेकिन मीडिया में मामला तूल पकड़ने के बाद ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया।

जांच टीम खंगाल रही दस्तावेज

स्वास्थ्य विभाग की जांच टीम ने संस्थान में मौजूद रिकॉर्ड्स की जांच शुरू कर दी है। टीम मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है:

  • प्रवेश रिकॉर्ड: संस्थान में दाखिला लेने वाले कुल छात्रों की संख्या।
  • फीस रसीदें: छात्रों द्वारा जमा की गई राशि का आधिकारिक विवरण।
  • मान्यता संबंधी दस्तावेज: क्या संस्थान के पास वैध मान्यता थी या नहीं।
  • संचालन नियम: संस्थान सरकारी नियमों के दायरे में चल रहा था या नहीं।

जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई

इस मामले को लेकर जांच अधिकारी जगसाय सरूता ने स्पष्ट किया है कि टीम सभी पहलुओं की बारीकी से समीक्षा कर रही है। जांच पूरी होने के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यदि संस्थान के संचालकों द्वारा नियमों का उल्लंघन या किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रभावित छात्रों की व्यथा

संस्थान की लापरवाही से कई छात्रों का एक पूरा शैक्षणिक सत्र बर्बाद हो चुका है। पीड़ित छात्र प्रमोद यादव ने अपना दुख व्यक्त करते हुए कहा कि फीस देने के बाद भी परीक्षा न होना उनके करियर के साथ बड़ा खिलवाड़ है। वहीं, शिकायतकर्ता परमेश्वर राजवाड़े ने मांग की है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि अन्य छात्रों को न्याय मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो सके।

प्रमुख बिंदुविवरण
संस्थान का नामगुरुकुल पैरामेडिकल संस्थान, तिलसिंवा
मुख्य आरोपफीस लेने के बाद परीक्षा न कराना और संस्थान बंद करना
प्रशासनिक कदमस्वास्थ्य विभाग की 3 सदस्यीय टीम द्वारा जांच
वर्तमान स्थितिदस्तावेजों की पड़ताल जारी, रिपोर्ट का इंतजार